प्रदेश के तीन लाख वकीलों को लॉकडाउन के दौरान मदद पहुंचाने के नाम पर बार काउंसिल के भीतर ही खींचतान मच गई है। काउंसिल के सदस्यों ने अध्यक्ष पर अपने कर्तव्य के निर्वहन में असफल रहने का आरोप लगाया है।
बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष और सदस्य अमरेंद्र नाथ सिंह का कहना है कि उन्होंने पहले ही बार काउंसिल आफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर संचित निधि से एक आपदा राहत कोष बनाने का अनुरोध किया था ताकि वकीलों को फौरी तौर पर मदद दी जा सके।
मगर उनकी मांग पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। जबकि उनकी इस मांग का काउंसिल के उपाध्यक्ष देवेंद्र मिश्र, पूर्व अध्यक्ष बलवंत सिंह और रोहिताश अग्रवाल ने समर्थन किया है। अमरेंद्र सिंह का कहना है कि यदि समय रहते कदम उठाए जाते, तो अब तक काफी वकीलों की मदद की जा सकती थी।