नगर पंचायत क्षेत्र के रेलवे क्रासिंग पर जाम की समस्या आम हो गई है। ट्रेनों के आवागमन के कारण दिन में दर्जनों बार क्रासिंग बंद होती है, इसके कारण दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है। कभी-कभी घंटों जाम में लोगों को परेशान होना पड़ता है।
यहां फ्लाईओवर निर्माण की मांग बीते कई सालों से की जा रही है। लेकिन, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए न तो जन प्रतिनिधियों द्वारा कोई प्रयास किया जा रहा है और न ही रेलवे इस समस्या के बारे में गंभीर है।
बता दें कि मऊआइमा रेलवे क्रासिंग पर फ्लाई ओवर ब्रिज बनाने के लिए दो वर्ष पूर्व थाना पड़ाव चौराहे से लेकर कस्बा तक पैमाइश हुई। जगह-जगह फ्लाईओवर को लेकर मकानों में चिह्नीकरण किया गया था। लेकिन, इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
इस बाबत रेलवे स्टेशन अधीक्षक मोहम्मद इरफान का कहना था कि फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का काम रेलवे द्वारा नहीं किया जाता है। यह जन प्रतिनिधियों के प्रयास से सरकार द्वारा होता है। रेलवे क्रासिंग पर फ्लाईओवर निर्माण कार्य केंद्र सरकार के अधीन होता है।
जाम में फंस कर कई लोगों की जा चुकी है जान
मऊआइमा।
रेलवे क्रासिंग पर जाम में फंसकर अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। रानीगंज के केवला देवी (58), खाखापुर की रेखा देवी (50), तिलई बाजार निवासी बृजलाल (55), कस्बा के कजियाना कलां निवासी हुसैद की जान जाम फंसने से जा चुकी है। मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष शोएब अंसारी का कहना है कि रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम से निजात के लिए वह निरंतर पत्र लिखते चले आ रहे हैं। लेकिन, सरकार मामले को लेकर गंभीर नहीं है। संवाद