जजों के खाली पड़े पदों का भी किया जिक्र
मुख्य न्यायमूर्ति ने कार्यक्रम के दौरान जजों के खाली पड़े पदों का भी जिक्र किया। कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों की कुल क्षमता 160 है, लेकिन वर्तमान में केवल 96 जज ही कार्यरत हैं। जजों की कमी से लंबित वादों की संख्या भी अधिक है। इसके बावजूद जितने केस फाइल हो रहे हैं उतने ही निस्तारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केसों के निस्तारण में बार की बड़ी भूमिका है। यहां के जजों और अधिवक्ताओं ने कोविड के दौरान भी फ्रंट लाइन वर्कर की तरह काम किया है।
फ्लाईओवर के नीचे न बैठें अधिवक्ता
मुख्य न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं के लिए बन रही मल्टी स्टोरी पार्किंग और चैंबर्स के लिए यूपी सरकार की सराहना की। कहा कि इतना बड़ा प्रोजेक्ट कहीं और पर अभी नहीं है। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि वे हाईकोर्ट के सामने बने फ्लाईओवर के नीचे कुर्सी, मेज लगाकर न बैठें। उन्होंने कहा कि पेशे की एक गरिमा है, उसको बनाए रखें। फ्लाईओवर के नीचे बैठना सही नहीं है।