Prayagraj News : शास्त्री सेतु क्षतिग्रस्त।
- फोटो : अमर उजाला।
खिसकने लगी है बियरिंग, हादसे की आशंका
शास्त्री सेतु से गुजरने वाली ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड पड़ोसी राज्य बिहार और पश्चिम बंगाल को भी संगम के शहर से जोड़ती है। लेकिन, समुचित रखरखाव के अभाव में इस सेतु के जहां कई पिलर और ज्वाइंट एक्सटेंशन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वहीं इसकी बियरिंग भी कई बार खिसकने से बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है। हालांकि उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम को जहां इसके पिलर और बियरिंग समेत अन्य तकनीकी पक्षों को लेकर रीमॉडलिंग की योजना बनाई गई है, वहीं पीडब्ल्यूडी की ओर से गड्डों में तब्दील हो चुकी इस सेतु की सड़क बनाने की योजना तैयार की गई है।
जिम्मेदार विभाग ने मूंदे आंख
शास्त्री सेतु की गड्डों में तब्दील सड़क की मरम्मत के पीडब्ल्यूडी के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिल गई है। लेकिन, बारिश से पहले रूट डायवर्जन की अनुमति न मिलपाने की वजह से इसे दुरुस्त नहीं कराया जा सका। अभियंताओं की मानें तो दशक भर पहले पुल की सतह की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन उसके बाद सिर्फ गड्ढों को भरने की रस्म अदायगी ही की जाती रही है। ऐसे में लगातार भारी और ओवरलोड वाहनों के आवागमन की वजह से इस सेतु की सतह क्षतिग्रस्त होकर गई जगह गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस सेतु के अनुरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड तृतीय को दी गई है। लेकिन, वह आंख मूंदे हुए हैं।
शास्त्री सेतु की की टूटी सड़क के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते। इसके बारे में पता करने के बाद ही टिप्पणी दी जाएगी। - रामशंकर यादव-अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी।