सीएचसी मेजा और रामनगर में महिला चिकित्सक नहीं हैं। जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कई बार महिला चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए स्थानीय लोगों ने सीएमओ से मांग की है लेकिन नियुक्ति नहीं की जा रही है।
मेजा के चौरासी क्षेत्र का रामनगर सीएचसी मुख्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां पर प्रतिदिन तीन से चार सौ मरीजों की ओपीडी होती है। महिला चिकित्सक डॉ. रीता द्विवेदी का तबादला सीएचसी जसरा के लिए कर दिया गया। तभी से महिला चिकित्सक का पद रामनगर सीएचसी में रिक्त पड़ा हुआ है।
वहीं मेजा सीएचसी में भी महिला चिकित्सक का पद रिक्त है। मेजा खास के पंकज गुप्ता ने बताया कि कई बार अस्पताल में महिला चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।
कई बार महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। ऐसे में महिला मरीजों के इलाज में परेशानी हो रही है। -डॉ. शमीम अख्तर, अधीक्षक सीएचसी मेजा।
सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सकों के न रहने से महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो ऐसा होता है सरकारी अस्पताल में पर्ची कटाने के बाद भी प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ता है। इसलिए महिला चिकित्सक की नियुक्ति अति आवश्यक है।- संगीता यादव रामनगर।
सीएचसी मेजा में कई माह से महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। ऐसे में महिला मरीज खासा परेशान हैं। जबकि सीएचसी अधीक्षक से भी शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। -अंतिमा शुक्ला अमोरा।
मेजा और रामनगर सीएचसी में नसबंदी कैंप में भी पुरुष चिकित्सक लगाए जाते हैं जिससे ज्यादा विडंबना और क्या हो सकती है। इस समस्या को लेकर उप मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी।- रूचि तिवारी, जेवनिया।
संगीता यादव
संगीता यादव