उन्हें अगर इविवि की छात्र राजनीति की जानकारी होती तो इस तरह का गाना नहीं बनातीं। वहीं, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र नेहा सिंह को लोक गायिका मानते ही नहीं। उनका कहना है कि नेहा सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए शब्दों का उपयोग गलत तरीके से करना जानती हैं। गौरवशाली इतिहास संजोए इविवि के छात्रसंघ पर कटाक्ष करने वाली नेहा को मानसिक इलाज की जरूरत है। उनके इलाज पर जो खर्च आएगा, उसका भुगतान इविवि का छात्रसंघ कर देगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
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छात्रनेता अजय यादव की सलाह है कि नेहा सिंह को एक बार इकवकव आकर देखना चाहिए कि यहां वास्तविक स्थिति क्या है। सिर्फ सुनी-सुनाई बातों पर गीत बना देना ठीक नहीं है। समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू का कहना है कि नेहा को यह गीत सोशल मीडिया पर वायरल करने पहले यह देख लेना चाहिए था कि इस विवि ने देश को न जाने कितने आईएएस, आईपीएस अफसर दिए, यहां के छात्र आगे चलकर प्रधानमंत्री और मुख्य मंत्री बने।
नेहा को अपने गीत में इस बात का भी उल्लेखन करना चाहिए था कि पीसीएस और पीसीएस-जे जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में यहां के सैकड़ों छात्र चयनित होते हैं। बिहार की पीसीएस परीक्षा में भी इविवि के छात्र-छात्राओं का बड़ी संख्या में चयन होता है।