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यहां बम-कट्टे नहीं, सीएम-पीएम और आईएएस बनते हैं, इलाहाबाद विवि के छात्रों ने गायिका नेहा सिंह राठौर को दिया जवाब

Thu, 26 Nov 2020 12:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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नेहा सिंह राठौड़ - फोटो : Twitter
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) पर आधारित गीत गाकर विवादों में घिरीं लोक गायिका नेहा सिंह राठौर इविवि के छात्र-छात्राओं के निशाने पर हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि नेहा को एक बार इविवि आकर देखना चाहिए। पता चल जाएगा कि यह बम-कट्टे नहीं, बल्कि आईएएस-पीसीएस बनाने की ‘फैक्ट्री’ है। 

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नेहा को अपने गीत में इविवि के छात्रसंघ और हॉस्टल पर कटाक्ष करने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह मानना है कि नेहा को इविवि के इतिहास की जानकारी नहीं है। किसी लोक गायिका से ‘पूरब के ऑक्सफोर्ड’ पर कटाक्ष करने की उम्मीद नहीं जा सकती है। आलोचना करना बहुत आसान होता है।

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
उन्हें अगर इविवि की छात्र राजनीति की जानकारी होती तो इस तरह का गाना नहीं बनातीं। वहीं, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र नेहा सिंह को लोक गायिका मानते ही नहीं। उनका कहना है कि नेहा सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए शब्दों का उपयोग गलत तरीके से करना जानती हैं। गौरवशाली इतिहास संजोए इविवि के छात्रसंघ पर कटाक्ष करने वाली नेहा को मानसिक इलाज की जरूरत है। उनके इलाज पर जो खर्च आएगा, उसका भुगतान इविवि का छात्रसंघ कर देगा। 
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) - फोटो : अमर उजाला
छात्रनेता अजय यादव की सलाह है कि नेहा सिंह को एक बार इकवकव आकर देखना चाहिए कि यहां वास्तविक स्थिति क्या है। सिर्फ सुनी-सुनाई बातों पर गीत बना देना ठीक नहीं है। समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू का कहना है कि नेहा को यह गीत सोशल मीडिया पर वायरल करने पहले यह देख लेना चाहिए था कि इस विवि ने देश को न जाने कितने आईएएस, आईपीएस अफसर दिए, यहां के छात्र आगे चलकर प्रधानमंत्री और मुख्य मंत्री बने।

नेहा को अपने गीत में इस बात का भी उल्लेखन करना चाहिए था कि पीसीएस और पीसीएस-जे जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में यहां के सैकड़ों छात्र चयनित होते हैं। बिहार की पीसीएस परीक्षा में भी इविवि के छात्र-छात्राओं का बड़ी संख्या में चयन होता है।
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