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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 858 पद हैं स्वीकृत, इनमें से 69 फीसदी पद खाली

Tue, 18 May 2021 09:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • इविवि में नए सत्र में भी शिक्षक भर्ती की उम्मीद कम
  • कोविड से तीन शिक्षकों को हो चुका है निधन, कई शिक्षक हो गए रिटायर
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षकों के आधे से अधिक पद खाली हैं, लेकिन नए सत्र में भी शिक्षक भर्ती पूरी होने की उम्मीद कम है। मौजूदा सत्र में कोविड के कारण भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी। इस बीच तमाम शिक्षक रिटायर हो गए। कोरोना के कारण तीन शिक्षकों का निधन हो गया। शिक्षकों के रिक्त पदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बीच कोरोना संक्रमण ने फिर तेजी से पांव पसारे हैं। ऐसे में नए सत्र में भी शिक्षकों की कमी का संकट दूर होता नजर नहीं आ रहा।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में शिक्षकों के 858 पद स्वीकृत हैं और इनमें से 596 पद रिक्त पड़े हुए हैं और 262 शिक्षक कार्यरत हैं। यानी 69 फीसदी पद खाली हैं। इतनी बड़ी संख्या में पद रिक्त होने का नतीजा है कि मौजूदा सत्र में इविवि प्रशासन को पाठ्यक्रम में कटौती करनी पड़ी, ताकि सत्र को समय से पूरा किया जा सके। अगर कोविड के कारण नया सत्र भी देर से शुरू होता है तो इविवि प्रशासन को फिर से इस संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि इस संकट से निपटने के लिए इविवि प्रशासन ने मौजूदा सत्र में अतिथि प्रवक्ताओं की भर्ती कर ली थी। नए सत्र में भी विश्वविद्यालय को अतिथि प्रवक्ताओं पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

नए सत्र में भी तमाम शिक्षक रिटायर होंगे, जिसके बाद चुनौती और बढ़ेगी। अगर कोविड संक्रमण के मामले कम होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन भर्ती प्रक्रिया शुरू भी करता है तो इसे पूरा करने में वक्त लगेगा। पहले नोटिफिकेशन जारी होगा। फिर आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम एक माह लगेगा और इसके बाद आवेदनों की स्क्रीनिंग होगी। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा होने में कम से कम तीन माह लगेंगे। ऐसे में नए सत्र में भी इविवि में शिक्षकों की कमी दूर होने के आसार कम हैं। इस बारे में इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर भी मानती हैं कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों की संख्या काफी कम है। जुलाई में रिक्त पदों की संख्या का पुनरीक्षण किया जाएगा।
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