फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर उलझ गई अजय नेहरू के जीवित या मृत होने की गुत्थी, कोर्ट में पेश हुए नेहरू को दूसरे पक्ष ने बताया प्रेमचंद

Sun, 21 Mar 2021 12:42 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
व्हील चेयर - फोटो : डेमो फोटो
विज्ञापन

अमरनाथ झा मार्ग प्रयागराज के बंगला नंबर 52/38 व 52 ई  के मालिक अजय यशवंत नेहरू के जीवित या मृत होने की गुत्थी एक बार फिर उलझ गई है। इस बार विपक्षी की ओर से पेश हलफनामे ने पूरी कहानी को उलझा दिया है। कुछ दिन पहले ही व्हील चेयर पर अजय यशवंत नेहरू कोर्ट में पेश हुए, तो  लगा उनके जीवित या मृत होने की कहानी खत्म हो गई।

विज्ञापन


मगर दूसरे पक्ष के हलफनामे में कोर्ट में पेश व्यक्ति के अजय नेहरू होने पर ही सवाल उठा दिया है। कहा गया है कि वास्तव में अदालत में पेश हुआ व्यक्ति प्रेमचंद्र साहू है।जिसे नेहरू बनाकर पेश किया गया है। निगाह उनकी करोड़ों की संपत्ति पर है। एक ही नंबर के दो आधार कार्ड भी दाखिल कर दावे को सही साबित करने की कोशिश की गई।

व्हीलचेयर - फोटो : social media
पूरे मामले में आए इस नए मोड़ के बाद  सुनवाई कर रहे  न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने  अजय नेहरू और प्रेमचंद साहू दोनों को साथ में पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उन्होने कोर्ट में पेश व्यक्ति के नेहरू होने की पुष्टि नहीं की है बल्कि सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से विवादित बंगले का सिलसिलेवार ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया है।और एसडीएम नजूल व नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी को रिकार्ड के साथ तलब किया है।

व्हील चेयर - फोटो : डेमो फोटो
कोर्ट ने एसएचओ जार्जटाउन को  नौ मार्च को हाजिर किए गए  अजय यशवंत  नेहरू की सुरक्षा बढ़ाने  और एसएसपी को प्रेमचंद्र साहू को पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दूसरे पक्ष को भी मनोज मिश्र के नाम अजय यशवंत नेहरू की आठ जुलाई 2001की पावर आफ अटार्नी भी दाखिल करने को कहा है।

कोर्ट ने महानिबंधक को अमेरिका में रह रहे विश्व प्रकाश श्रीवास्तव व सावित्री श्रीवास्तव  पति-पत्नी को याचिका में पक्षकार बनाने का भी आदेश दिया है।और आदेश की प्रति उन्हे ई मेल से अमेरिका भेजने को कहा है। इससे पहले  मृत बताए जा रहे जार्जटाउन निवासी अजय यशवंत नेहरू स्वयं को जीवित साबित करने के लिए मंगलवार नौ मार्च को हाईकोर्ट में हाजिर हुए थे।   कोर्ट ने उनकी पहचान के कागजात देखकर कहा कि याचिका में लगाए गए फोटो और जो व्यक्ति कोर्ट में उपस्थित है, उनसे ऐसा लगता है कि दोनों एक ही हैं।
विज्ञापन

अदालत - फोटो : सोशल मीडिया
नेहरू ने कोर्ट को बताया कि उनकी जान को खतरा है। कुछ लोग मकान के फर्जी कागजात तैयार कर उनको मृत साबित कर  कब्जा करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने जार्जटाउन में अमरनाथ झा मार्ग स्थित मकान का स्वामी होने के कागजात पेश किए। इस पर कोर्ट ने एसएसपी प्रयागराज को निर्देश दिया कि अजय यशवंत नेहरू को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जाए और यह सुनिश्वित किया जाए कि उनकी जान ,माल व स्वतंत्रता पर किसी प्रकार का खतरा न आने पाए।

 अब दूसरे पक्ष ने हलफनामा दाखिल कर कहा कोर्ट में हाजिर अजय यशवंत नेहरू वास्तव मे नेहरू नही है ।वह गौहनिया के प्रमचंद्र साहू हैं।नेहरू की मृत्यु  दो साल पहले हो चुकी है और फर्जी व्यक्ति उनके नाम से संपत्ति को कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।गुत्थी उलझती ही जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें