पूरे मामले में आए इस नए मोड़ के बाद सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने अजय नेहरू और प्रेमचंद साहू दोनों को साथ में पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उन्होने कोर्ट में पेश व्यक्ति के नेहरू होने की पुष्टि नहीं की है बल्कि सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से विवादित बंगले का सिलसिलेवार ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया है।और एसडीएम नजूल व नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी को रिकार्ड के साथ तलब किया है।
कोर्ट ने एसएचओ जार्जटाउन को नौ मार्च को हाजिर किए गए अजय यशवंत नेहरू की सुरक्षा बढ़ाने और एसएसपी को प्रेमचंद्र साहू को पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दूसरे पक्ष को भी मनोज मिश्र के नाम अजय यशवंत नेहरू की आठ जुलाई 2001की पावर आफ अटार्नी भी दाखिल करने को कहा है।
कोर्ट ने महानिबंधक को अमेरिका में रह रहे विश्व प्रकाश श्रीवास्तव व सावित्री श्रीवास्तव पति-पत्नी को याचिका में पक्षकार बनाने का भी आदेश दिया है।और आदेश की प्रति उन्हे ई मेल से अमेरिका भेजने को कहा है। इससे पहले मृत बताए जा रहे जार्जटाउन निवासी अजय यशवंत नेहरू स्वयं को जीवित साबित करने के लिए मंगलवार नौ मार्च को हाईकोर्ट में हाजिर हुए थे। कोर्ट ने उनकी पहचान के कागजात देखकर कहा कि याचिका में लगाए गए फोटो और जो व्यक्ति कोर्ट में उपस्थित है, उनसे ऐसा लगता है कि दोनों एक ही हैं।
नेहरू ने कोर्ट को बताया कि उनकी जान को खतरा है। कुछ लोग मकान के फर्जी कागजात तैयार कर उनको मृत साबित कर कब्जा करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने जार्जटाउन में अमरनाथ झा मार्ग स्थित मकान का स्वामी होने के कागजात पेश किए। इस पर कोर्ट ने एसएसपी प्रयागराज को निर्देश दिया कि अजय यशवंत नेहरू को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जाए और यह सुनिश्वित किया जाए कि उनकी जान ,माल व स्वतंत्रता पर किसी प्रकार का खतरा न आने पाए।
अब दूसरे पक्ष ने हलफनामा दाखिल कर कहा कोर्ट में हाजिर अजय यशवंत नेहरू वास्तव मे नेहरू नही है ।वह गौहनिया के प्रमचंद्र साहू हैं।नेहरू की मृत्यु दो साल पहले हो चुकी है और फर्जी व्यक्ति उनके नाम से संपत्ति को कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।गुत्थी उलझती ही जा रही है।