गंगा और यमुना नदी एक बार फिर उफान पर हैं। इससे संगम नगरी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। दोनों ही नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। यमुना का जलस्तर बृहस्पतिवार को 63 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है जबकि छतनाग में गंगा में 57 सेंटीमीटर बढ़ी हैं। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से दोनों नदियों के किनारे पर रह रहे लोगों के सामने फिर मुसीबत खड़ी हो सकती है। जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। लोग कंट्रोल रूम में फोन कर इसकी सूचना दे सकते हैं।
बृहस्पतिवार को गंगा फाफामऊ में 35 सेंटीमीटर बढ़ीं, जिससे जलस्तर 80.56 मीटर पर पहुंच गया जबकि छतनाग में 57 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। यहां गंगा का जल 78.88 मीटर रिकार्ड किया गया है। उधर, मध्य प्रदेश में बारिश फिर तेज होने लगी है। इससे केन, बेतवा, टोंस नदियां उफान पर हैं। इन नदियों का पानी यमुना में मिल रहा है। इससे यमुना ने एक बार फिर बाढ़ की रफ्तार पकड़ ली हैं। बृहस्पतिवार को यमुना का पानी 79.51 मीटर पर पहुंच गया।
सिंचाई विभाग के एक्ससीएन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बारिश का पानी लगातार बढ़ रहा है। इसको देखते हुए दोनों नदियों के जल की बढ़ोत्तरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। डीएम ने पहले ही अल्लापुर स्थित स्लूज गेट को बंद करा दिया है और शहर के सभी पंपिंग स्टेशनों को चालू रखने को कहा है।
इन नंबरों पर दी जा सकती है बाढ़ की सूचना
- टोल फ्री नंबर - 1077
- 0532 - 2641577
- 9454417588
- 9454417809