इलाहाबाद। आखिरकार वही हुआ जिसकी आशंका थी। कमला नेहरू रोड पर अतिक्रमण हटाने गया एडीए और नगर निगम का संयुक्त दस्ता यहां एक राष्ट्रीय पार्टी के बड़े नेता के घर के बाहर रोड पटरी पर कब्जा कर बने गार्ड रूम और टॉयलेट को नहीं हटा सका। अतिक्रमण अभियान के नाम पर संयुक्त दस्ते ने हनुमान मंदिर चौराहा के पास रोड पटरी पर पराग की एक गुमटी ध्वस्त की और आसपास रोड पटरी पर कुछ पेड़ उखाड़े, क्योंकि इन पेड़ों की आड़ में अतिक्रमण किया गया था।
एक बड़े कोचिंग संस्थान और स्कूल के बाहर झाड़ियां हटाईं और वहां से लेकर नारजेथ अस्पताल तक रोड पटरी के ऊपर उठाई गई छोटी-छोटी दीवार गिराईं। मनमोहन पार्क चौराहा के पास पटरी पर लगे विज्ञापन बोर्ड तथा विवि मार्ग पटरी पर बांस का टट्टर लगाकर बनाए गए कार गैराज को हटाया गया।
एडीए के संयुक्त सचिव गुडाकेश शर्मा, ओएसडी आलोक पांडेय, निगम के अतिक्रमण प्रभारी एसएल यादव, अतिक्रमण निरीक्षक पीयूष मोहिले के नेतृत्व में संयुक्त दस्ता दो जेसीबी और करीब चार दर्जन कर्मचारियों, पुलिस के साथ दिन में साढ़े ग्यारह बजे हनुमान मंदिर चौराहा पहुंचा। यहां मंदिर के ठीक सामने पटरी पर मिठाई एवं पान की दुकानें हटाई गई। इसी के बगल में पराग की गुमटी ध्वस्त की गई। मंदिर के बगल में रोड पटरी पर काफी दूर तक वाहनों की मरम्मत करने वालों का कब्जा था, जिसे हटाया गया। कई दुकानें पेड़ों की आड़ में चल रहीं थीं। दस्ते ने ऐसे बेकार पेड़ों को ही उखाड़ दिया।
इसके बाद दस्ता महादेवी वर्मा प्रतिमा चौराहा पहुंचा। यहां चौराहे के बगल में रोड पटरी पर गमला बेचने वालों का कब्जा था। दस्ते को देखते ही गमला बगल के पार्क में छिपा दिया गया। दस्ते ने पार्क के अंदर से करीब दो दर्जन गमले जब्त कर लिए। यहीं पर नेताजी के घर के बाहर गार्ड रूम और उसके बगल में बने टॉयलेट को गिराने की हिम्मत अफसर नहीं कर सके। इस ‘वीआईपी’ अतिक्रमण की अनदेखी करते हुए अफसर आगे बढ़े और एक स्कूल और कोचिंग संस्थान के बाहर कुछ झाड़ी उखाड़ी। यहां से नाजरेथ तक पटरी पर छोटी-छोटी दीवार, लोहे के एंगिल और तार हटाए।
सेंट जोसेफ कॉलेज (एसजेसी) के जूनियर सेक्शन का गेट बुधवार को खोल दिया गया। यहां नर्सरी हटाने के बाद पार्किंग बनाने के लिए नगर निगम ने गेट के आगे कटीला तार लगाकर उसे बंद कर दिया था। बुधवार को अतिक्रमण हटाए गए दस्ते ने गेट से कटीला तार निकाल दिया।