इलाहाबाद। वातावरण में सौ फीसदी आर्र्दता शहरी क्षेत्र में घने कुहासे और ग्रामीण क्षेत्र में घने कोहरे के रूप में परेशानियां खड़ी कर रही है। रविवार को सुबह नौ बजे तक सड़कों पर कोहरा नजर आया। नौ बजे के निकली धूप भी बहुत नम सी दिखी। कोहरे में लिपटी धूप के कारण सर्दी का रूप बदलने लगा है। यह सर्दी शरीर के लिहाज से खतरनाक हो चली है। भारी नमी वाली सर्दी जिसे जकड़ ले रही है, उसे फिट होने में कई दिन लग जा रहे हैं। कफ, सांस की परेशानी, सीने में जकड़न, शरीर में दर्द, तेज माइग्रेन समेत बुखार से पीड़ित सैकड़ों मरीज बेली, काल्विन, एसआरएन जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी क्लीनिकों पर डॉक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं। सर्दी के बदलते मिजाज को लेकर विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं।
कोहरे, तापमान में कमी और वातावरण में नमी से वायरस तेजी से पनप रहा है जिसकी वजह से एसआरएन, बेली, काल्विन जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में वायरल बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज तेजी से बढ़े हैं। डॉ. त्रिपाठी के मुताबिक ओपीडी मे औसतन 200 के करीब मरीज इन बीमारियों का इलाज कराने पहुंच रहे है।
मौसम में हुए बदलाव और ठंड के चलते माइग्रेन के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। न्यूरो सर्जन डॉ ओपी सिंह के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में ओपीडी पहुंचने वाले मरीज गंभीर सिरदर्द की शिकायत दर्ज करा रहे हैं। इन मरीजों में तमाम ऐसे युवा मरीज भी शामिल हैं तो ठंड में बगैर हेलमेट के तेजी से मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने की वजह से माइग्रेन की गिरफत में आ चुके हैं। डॉ. ओपी सिंह का कहना है कि सिर को ठंड से बचाकर माइग्रेन या सिरदर्द की परेशानियों से बचा जा सकता है।
अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सकों की मानें तो मौसम में इस बदलाव का असर बुजुर्गोें, बच्चों एवं महिलाओं पर अधिक दिखायी दे रहा है। सुबह स्कूल जाने वाले तमाम बच्चे बीमारियों की गिरफ्त में हैं जो बगैर गर्म कपड़े या फिर ठंड से बचाव किए स्कूल जा रहे हैं। बच्चों के बीमार होने से इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई भी पर पड़ रहा है। तमाम महिलाएं भी वायरल, बुखार, जुकाम की गिरफ्त में हैं।