इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की कार्य परिषद ने नई शिक्षा नीति के तहत सत्र 2025-26 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने के एकेडमिक कौंसिल के निर्णय पर सोमवार को अंतिम मुहर लगा दी। इसमें प्रथम वर्ष में सर्टिफिकेट, द्वितीय वर्ष में डिप्लोमा, तृतीय वर्ष में डबल मेजर विषय के साथ डिग्री व चौथे साल में ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री दी जाएगी।
कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में सदन ने सर्वसम्मति से नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने के लिए मंजूरी दी। नई शिक्षा नीति सत्र 2025-26 से लागू होगी। इसके बाद स्नातक की डिग्री चार वर्ष की हो जाएगी।
नई व्यवस्था में हर सत्र के अंत में एंट्री व एग्जिट का प्रावधान भी रखा गया है। छात्रों इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार रोजगारपरक वैल्यू एडेड कोर्स भी करने होंगे। विद्वत परिषद ने 20 जुलाई को हुई बैठक में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को अपनी मंजूरी दे दी थी। इसके उपरांत यह प्रस्ताव सोमवार को विवि की एपेक्स बॉडी (कार्य परिषद) के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा गया।
43 शिक्षकों मिली स्थायी नियुक्ति
कार्य परिषद ने पर्यावरण विज्ञान केंद्र, भूगोल विभाग, विधि विभाग, रक्षा अध्ययन विभाग, इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशन विभाग, जंतु विज्ञान विभाग, अर्थशास्त्र विभाग, जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन विभाग, गणित विभाग और भौतिक विज्ञान विभाग में परिवीक्षा अवधि में चल रहे 43 शिक्षकों को स्थायी करने को मंजूरी भी दी है। इसमें एक प्रोफेसर, पांच एसोसिएट प्रोफेसर और 37 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। इसके अलावा मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. शांति सुमन को कैस के तहत एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नति दी गई।