थाना क्षेत्र के नरायनदास का पुरा गांव में एक बुजुर्ग महिला भूखे-प्यासे पिछले एक सप्ताह से कमरे के भीतर बंद पड़ी रही। ग्रामीणों की माने तो महिला के अंदर अब इतनी शक्ति भी नहीं बची थी कि वह उठकर भीतर से कमरे की सिटकनी खोल सके। परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार की शाम फूलपुर तहसील और इलाकाई पुलिस की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़कर असशक्त पड़ चुकी महिला को बाहर निकाला। तकरीबन कंकाल बन चुकी महिला को गंभीर हालत में शहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए थे।
थाना क्षेत्र के नरायनदास का पुरा गांव में तकरीबन छह माह पहले एक खाली प्लाट की रखवाली के लिए यमुनापार का कोई व्यक्ति एक महिला को ले आया था। प्लाट के भीतर बने एक कमरे में महिला रहती है। पिछले कई माह से उक्त व्यक्ति का कोई अता-पता नहीं है। इसी बीच महिला भी कई दिनों से गांववालों को नजर नहीं आ रही थी। किसी तरह दो दिन पहले ग्रामीण प्लॉट की चहारदीवारी फांदकर महिला के कमरे के पास पहुंचे। बाहर से आवाज लगाई तो महिला ने जवाब दिया लेकिन दरवाजे की सिटकनी नहीं खोल सकी।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने एक बार फिर महिला को बाहर निकालने की कवायद शुरु की। कमरे के बाहर पहुंचकर आवाज लगाई तो भीतर से बेहद ही धीमी आवाज में जवाब आया। पता चला है कि महिला पिछले कई दिनों से भूख-प्यासे कमरे के भीतर बंद है। उसके शरीर में इतनी भी शक्ति नहीं बची है कि वह बिस्तर से उठकर लोहे का दरवाजा खोल सके। मामले की जानकारी ग्रामीण गुड्डू मौर्य ने ग्राम प्रधान के साथ इलाकाई पुलिस को दी तो। शाम को इलाकाई पुलिस के साथ-साथ कानूनगो और लेखपाल मौके पर पहुंचे। फिर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा और महिला को बाहर निकाला। महिला को गंभीर हालत में शहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान ग्रामीण भी भारी संख्या में मौके पर मौजूद रहे।