धूमनगंज के देवघाट से कथित तौर पर अपहृत की गई नवविवाहिता ने चौंकाने वाला बयान दिया। बताया कि वह खुद ही अपने प्रेमी के साथ गई थी। उसकी शादी मर्जी के खिलाफ हुई थी। उसने यह भी कहा है कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल संलिप्तिता न मिलने पर हिरासत में लिए गए आरोपियोें को छोड़ दिया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
कौशांबी की सीमा पर स्थित गांव की रहने वाली रागिनी (परिवर्तित नाम) की शादी एक दिसंबर को करेली के रवींद्र पाल (परिवर्तित नाम) के साथ हुई थी। रविंद्र का आरोप है कि बुधवार को बाइक से जाते वक्त देवघाट के बाद कार सवार शानू पाल और उसके एक दर्जन से अधिक दोस्तों ने रागिनी का अपहरण कर लिया था। रवींद्र की तहरीर पर शानू पाल समेत दस लोगों को नामजद व पांच अज्ञात पर मुकदमा लिखा गया।
बृहस्पतिवार शाम रागिनी को बरामद करते हुए शानू समेत दो आरोपियों को पकड़ा गया। शुक्रवार को रागिनी के बयान के बाद मामले में नया मोड़ आ गया। उसने बताया कि शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी ओर वह खुद ही प्रेमी संग गई थी। जिसके बाद आरोपियों को छोड़ दिया गया। इंस्पेक्टर धूमनगंज अरुण चतुर्वेदी ने ने बताया कि युवती का शुक्रवार को कोर्ट में भी बयान दर्ज करा दिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।