फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: मायाराम की माया में दिखा स्वार्थ और भ्रष्टाचार का ताना-बाना

विज्ञापन
जगत तरण सभागार में राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन नाटक मायाराम की माया का मंचन करते कलाका
विज्ञापन
भ्रष्टाचार, स्वार्थ और अपना काम साधने की कला को मायाराम की माया नाटक में भावपूर्ण तरीके से दिखाया गया है। आधारशिला रंगमंडल की ओर से बृहस्पतिवार को जगत तारण गोल्डेन जुबली स्कूल के रवींद्रालय प्रेक्षाग्रह में राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन नाटक ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन

नाटक में मायाराम ने पृथ्वी लोक पर एक बुजुर्ग गाय का दान कर दिया, जो स्वर्ग सिधार गई। इस बात की चर्चा जब ब्रह्म लोक में हुई तो ब्रह्मा ने यमराज से पूछा कि पृथ्वी का सबसे सीधा जीव कौन है। यमराज ने जवाब में कहा मनुष्य।
इसी बात को साबित करने के लिए नारद मुनि ने कहा कि मनुष्य सबसे शातिर, खुरापाती और बदमाश होता है। यदि विश्वास न हो तो मीरपुर गांव के मायाराम को एक दिन के लिए ब्रह्मलोक बुला लीजिए। इसी ताने-बाने के बीच नाटक चलता रहा।
विज्ञापन

मुख्य अतिथि रोटरी क्लब के अध्यक्ष वरुण जायसवाल ने नाट्य विधाओं को जीवंत रखने के लिए कलाकारों की सराहना की। रंगकर्मी राकेश वर्मा को रंगकर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। निर्देशन अजय केशरी ने किया।
अध्यक्षता साहित्यकार रविनंदन सिंह, संचालन सुजाय घोष और रमाकांत शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। यहां अनुराग केशरी, सेवक राम, अमरजीत सिंह कुशवाहा, पुरोहित व नारद हरि नारायण पांडे, जग्गू, जयद्रथ श्रीमुख, मगही इंदल सिंह आदि ने अभिनय किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें