उत्तरांखड में मूसलाधार बारिश से संगम नगरी पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि यहां स्थिति अभी पूरी तरह से नियंत्रण में है लेकिन नरोरा और हटवा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद जिला प्रशासन ने इलाहाबाद में सिंचाई विभाग के अफसरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए डीएम संजय कुमार ने अफसरों को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए अभी से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेने को कहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व राम सहाय यादव ने बताया कि मिर्जापुर स्थित हटवा डैम से बेलन नदी में 1500 क्यूसेक और चौधरी चरण सिह गंगा बैराज ननोरा से गंगा में 32508 क्यूसेक जल छोड़ा गया है, जो किसी भी दिन यहां पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि बाढ़ की संभावना के मद्देनजर सभी उप जिलाधिकारियों, अधिशासी अभियंता बेलन नहर प्रखंड एवं अधिशासी अभियंता बाढ़ कार्य खंडको सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इलाहाबाद में प्रत्येक 24 घंटे में गंगा-यमुना का जलस्तर 15 से 20 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा का जलस्तर 76 मीटर और यमुना का जलस्तर 72 मीटर है जबकि खतरे का बिंदु 84.734 मीटर पर है। ऐसे में अभी स्थिति पूरी तरह से सामान्य है लेकिन जलस्तर बढ़ने के कारण संगम और गंगा के अन्य घाटों से घाटिये पीछे हटने लगे हैं। अगर नरोरा से और अधिक जल छोड़ा गया तो जलस्तर बढ़ने की रफ्तार प्रतिदिन 25 से 30 सेंटीमीटर तक पहुंच सकती है।