लॉक डाउन में पुराने शहर में दूषित जलापूर्ति से कई मोहल्लों में रहने वाले लोग परेशान हैं। शहर के अटाला, रानीमंडी, अबूबकर पुर, लकड़मंड़ी, खुल्दाबाद, करेली में पीने के पानी के लिए बृहस्पतिवार को भी हाहाकार मचा रहा। महाप्रबंधक के निर्देश पर भी अधिशासी अभियंता फाल्ट लोकेट नहीं करा सके। कांग्रेेसियों ने जलापूर्ति सामान्य न होने पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
करीब एक महीने से पानी की परेशानी से जूझ से करेली इलाके में रहने वालों में भारी आक्रोश है। लोगों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। कुछ घरों मेें लो प्रेशर से पहुंचने वाला पानी मटमैला और बदबूदार होता है। वहीं अटाला, लकड़ मंडी, खुल्दाबाद, लूकरगंज, बेनीगंज, अबूबकरपुर, दरियाबाद, रानी मंडी समेत अन्य मोहल्लों में दूषित जलापूर्ति बड़ी परेशानी बनी है।
प्रभावित इलाकों के लोग बृहस्पतिवार को बाल्टी-डिब्बा लेकर भटकते रहे। जलकल विभाग ने गड़बड़ी दूर करने के प्रयास किए लेकिन फाल्ट नहीं खोजा जा सका। फिलहाल दो स्थानों पर लीकेज बनाए गए। शाम को जलापूर्ति के बाद भी वहां स्वच्छ पानी नहीं लोगों को नहीं मिला। की जा रही है। इस संबंध में कांग्रेस नेता हसीब अहमद ने महाप्रबंधक हरिश्चंद्र बाल्मीकि से शिकायत करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं महाप्रबंधक ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि अटाला में लीकेज दुरुस्त किया गया है। अब पानी साफ मिलेगा।