औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत मुंगारी गांव में बृहस्पतिवार देर रात कच्चे मकान की दीवार ढह गई। उसकी चपेट में एक वृद्धा व दो मासूम आ गए। हादसे में वृद्धा की मौत हो गई, जबकि घायल मासूमों को एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
गांव के कोहराना बस्ती में रहने वाली गीता देवी (60) पत्नी कन्हैया लाल और उसके दो नाती यश पुत्र रंजय व शुभम पुत्र संजय सो रहे थे। देर रात अचानक मकान की कच्ची दीवार ढह गई, जिससे उसमें सो रहे सभी लोग मलबे में दब गए। यह देखकर परिजनों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठा हुए और फिर गिट्टी की दीवार का मलबा हटाया गया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और समीप के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां गंभीर रूप से घायल गीता देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई।
उनके दोनों नातियों का इजाल अस्पताल चल रहा है। घटना की जानकारी पुलिस को शुक्रवार की सुबह दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। एसओ औद्योगिक क्षेत्र विपिन कुमार पाल का कहना है कि लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। सुबह जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। वृद्धा की मौत हो चुकी है और उसके दोनों नाती का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। वह खतरे से बाहर बताए जाते हैं। परिजनों ने वृद्धा का अंतिम संस्कार कर दिया है। संवाद
आवेदन के बाद भी नहीं मिला सरकारी आवास
मुंगारी गांव में बृहस्पतिवार रात हुई घटना में मृत गीता देवी के परिजनों ने बताया कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास को लेकर उन्होंने कई बार आवेदन किया, लेकिन आज तक लाभार्थी की लिस्ट में उनका नाम नहीं आया। मृतका के दो बेटे रंजय और संजय प्राइवेट नौकरी करते है। परिजनों के अनुसार कई बार आवेदन के बाद भी आज तक गीता देवी की वृृद्धा पेंशन भी नहीं शुरू हो सकी थी। जबकि वह सरकारी आवास सहित अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए पात्र है।
नैनी। अस्पताल में भर्ती यश
नैनी। अस्पताल में भर्ती यश