एलनगंज स्थित लॉज में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाला छात्र शुक्रवार रात फांसी पर लटका मिला। साथियों की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे अस्पताल ले गई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि मैं अपने घरवालों को धोखा नहीं दे सकता, इसलिए अपनी मर्जी से जान दे रहा हूं।
मूलत: गाजीपुर का रहने वाला देवेंद्र यादव पुत्र सीताराम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह एलनगंज में शशिभूषण यादव के लॉज में किराए पर रहता था। शुक्रवार शाम को भी दोस्तों से मिलकर देवेंद्र अपने कमरे में गया। रात 11 बजे के करीब बाथरूम की तरफ जाते वक्त छात्रों की नजर खिड़की पर पड़ी। भीतर का नजारा देख वह चीख उठे। देवेंद्र चादर से बनाए गए फंदे पर लटका हुआ था। शोर सुनकर लॉज में रहने वाले अन्य छात्र भी आ गए। ठोकर मारते ही कमरे का दरवाजा खुल गया। छात्रों की सूचना पर लॉज मालिक व पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने फंदे से उतारकर छात्र को अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र के परिजनों को सूचना मिली तो उनमें कोहराम मच गया। वह शहर के लिए चल दिए हैं। उसका एक भाई बिहार में डिप्टी एसपी है। उसके इस कदम से साथी छात्र भी स्तब्ध हैं। एसआरएन अस्पताल में भी छात्रों को जमावड़ा लगा रहा। कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि जांच पड़ताल कीजा रही है।
‘अपनी मर्जी से उठा रहा कदम’
कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा है कि ‘मैं अपने घरवालों को धोखा नहीं दे सकता। वह मुझ पर बहुत भरोसा करते हैं। मैं अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहा हूं। इसलिए मेरे घरवालों या मेरे किसी साथी को परेशान न किया जाए।’ लॉज मालिक शशिभूषण ने बताया कि देवेंद्र चार महीने पहले ही उनके लॉज में रहने आया था। वह काफी खुशमिजाज था। उधर अस्पताल में जुटे दोस्त भी स्तब्ध थे कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया।