दो दिन से नहीं आई, विशेषज्ञों ने कहा- आवाजाही होने पर तीन दिन के लिए बदल देती है इलाका
फतेहगंज पश्चिमी। पांच पड्डे डकार चुकी वन्य जीव विशेषज्ञों की टीम शुक्रवार से दिन रात बाघिन को ट्रैंक्युलाइज करने के लिए मचान पर बैठी हुई है, लेकिन दो दिन से बाघिन ने उस तरफ का रुख नहीं किया है। एक्सपर्ट का मानना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी की वजह से आवागमन होने से बाघिन तीन दिन के लिए स्थान बदल देती है। रविवार को उसके आने की पूरी उम्मीद है।
कानपुर चिड़ियाघर से पहुंचे डॉ. आरके सिंह के मुताबिक ट्रैंक्युलाइज करने की तैयारी के समय उसके क्षेत्र में आवागमन होने के कारण बाघ-बाघिन तीन दिन तक बांधे गए शिकार पर हमला नहीं करते हैं। उन्होंने दावा किया कि एक दो दिन में बाघिन बांधे गए शिकार पर हमला जरूर करेगी। जैसे ही वह शिकार के पास आएगी उसे ट्रैंक्युलाइज कर दिया जाएगा। जिस स्थान पर शिकार बांधा गया है, वहां कैच लगाए गए हैं, जैसे ही बाघिन शिकार पर हमला करने आएगी कैच उसके पैर में फंस जाएंगे। फिर वह भाग नहीं सकेगी और उसे आसानी से ट्रैंक्युलाइज किया जा सकेगा। इसके अलावा इसी क्षेत्र में सायरन कैमरे भी लगाए गए है। जिनका कनेक्शन सीधे एक्सपर्ट के मोबाइल से कर दिया गया है। बाघिन के सायरन कैमरे के संपर्क में आने से एक्सपर्ट के मोबाइल पर घंटी बजने लगेगी, जिससे टीम को उसके आने की जानकारी मिल जाएगी।