The truck, the lawsuit, was being cut from the scrap to grab the loan amount.
लोन की रकम हड़पने के लिए फाइनेंस पर लिए गए ट्रक को कबाड़ी से कटवाने का प्रयास किया गया। हालांकि, इसी दौरान सूचना मिलने पर फाइनेंस कंपनी के अफसर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दे दी। मामले में एडीजी तक शिकायत की गई तब जाकर कीडगंज पुलिस ने तीन लोगों पर नामजद रिपोर्ट लिखी। बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
मुकदमा श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी फाइनेंस लिमिटेड की नैनी शाखा के प्रबंधक राजकेश्वर शुक्ला निवासी टीसीआई की तहरीर पर लिखा गया। उन्होंने पुलिस को बताया कि चार जुलाई को गणेश प्रसाद तिवारी पुत्र शिवपूजन निवासी लोहद, जारी बाजार की ओर से सूचना दी गई कि कंपनी से फाइनेंस कराया गया ट्रक कीडगंज में कृष्णानगर में एक कबाड़ी की दुकान पर कटवाया जा रहा है। इस पर वह अशोक गुप्ता की कबाड़ की दुकान पर पहुंचे तो देखा कि उसके गोदाम में ट्रक कटवाया जा रहा है। यह ट्रक रोहित गुप्ता निवासी पंति मेजा के नाम से फाइनेंस कराया गया था, जिसकी काफी रकम अभी बकाया है।
आरोप है कि रोहित ने फर्जीवाड़ा करते हुए न सिर्फ ट्रक का नंबर प्लेट बल्कि इंजन व चेचिस नंबर भी मिटा दिया है। उक्त वाहन को रोहित, नितिन कुमार सिंह व अशोक गुप्ता द्वारा साजिश कर कटवाया जा रहा था। कंपनी के अधिवक्ता अभय तिवारी ने बताया कि सूचना देने के बावजूद कीडगंज पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती रही। मामले की शिकायत डीआईजी व एडीजी से की गई, तब जाकर करीब एक महीने बाद रिपोर्ट लिखी गई। कीडगंज पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद यह बात भी सामने आई है कि कीडगंज में चोरी के वाहनों को कटवाने का काम चल रहा है। जिस कृष्णा नगर में स्थित कबाड़ गोदाम में यह घटना हुई, वहां कबाड़ के कई गोदाम हैं। सूत्रों की मानें तो यहां कई गोदामों में चोरी के वाहनों को कटवाने का काम किया जाता है। बड़ी बात यह है कि सबकुछ जानकारी में होने के बावजूद पुलिस चुपचाप रहती है। आरोप तो यह भी है कि चोरी के वाहन कटवाने पर मिलने वाली रकम का एक हिस्सा पुलिस को भी मिलता है। यही वजह है कि शिकायत के बाद भी स्थानीय पुलिस कार्रवाई से बचती है। ठीक यही इस मामले में भी हुआ लेकिन शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के कारण कीडगंज पुलिस को रिपोर्ट लिखनी पड़ी।