400/132 एमवीए क्षमता के मसौली ट्रांसमिशन उपकेंद्र का शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोकार्पण किया। इस उपकेंद्र के चालू होने के बाद शहर केसाथ ही यमुनापार इलाके की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है। सीएम ने सुबह 10 बजे अपने लखनऊ स्थित आवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 330.59 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार मसौली पारेषण लाइन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंसिंग केंद्र में सांसद रीता बहुगुणा जोशी ट्रांसमिशन के मुख्य अभियंता वीरेंद्र सिंह यादव, एसई और एक्सईएन समेत बिजली विभाग के अन्य के अफसरों के साथ मौजूद थीं।
लोकार्पण के बाद अफसरों ने बताया कि इस उपकेंद्र के चालू होने से प्रयागराज के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति तथा उपलब्धता में गुणात्मक सुधार होगा। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ ही इलाके में निर्माणाधीन सोलर पॉवर प्लांट की ऊर्जा का समुचित विकास भी हो सकेगा। इससे 132 केवी पारेषण उपकेंद्र जारी, सलाया खुर्द, करछना, नैनी, मेजा एवं रीवा रोड उपकेंद्रों को जोड़ा गया है। इस उपकेंद्र से 132 केवी जिगना (मिर्जापुर) को भी आपूर्ति प्रदान की जाएगी। इस परियोजना से लगभग 22 लाख की आबादी लाभान्वित होगी।
नए उपकेंद्र से प्रयागराज के साथ ही मिर्जापुर के भी कुछ इलाकों को बिजली आपूर्ति प्रदान की जाएगी। इससे लंबे समय से बिजली आपूर्ति की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। शहर से लेकर यमुनापार के ग्रामीण इलाकों तक को इससे फायदा मिलेगा। वीरेंद्र सिंह यादव, मुख्य अभियंता, पारेषण।