फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने कहा : तबादला व्यक्ति का हुआ है, तहसीलदार का नहीं, मुकदमा टरकाएं नहीं, निपटाएं

Wed, 23 Apr 2025 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सुनील यादव, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजस्व मुकदमे के निस्तारण में लेटलतीफी पर प्रयागराज के डीएम और फूलपुर के एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई है। कहा, तहसीलदार के तबादले के आधार पर मुकदमे को टरकाने की दलील को हम मंजूरी नहीं दे सकते।
विज्ञापन
अदालत का आदेश - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजस्व मुकदमे के निस्तारण में लेटलतीफी पर प्रयागराज के डीएम और फूलपुर के एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई है। कहा, तहसीलदार के तबादले के आधार पर मुकदमे को टरकाने की दलील को हम मंजूरी नहीं दे सकते। तबादला व्यक्ति का हुआ है, तहसीलदार का नहीं। समय से मुकदमों की सुनवाई की व्यवस्था कराना डीएम की ड्यूटी है। इसके लिए जो भी करना पड़े वह करें। मुकदमा किसी लिंक अधिकारी को सौंपे या अन्य तहसील में स्थानांतरित करें।
विज्ञापन


इस तल्ख टिप्पणी संग न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने प्रयागराज के डीएम व फूलपुर के तहसीलदार से 25 अप्रैल तक हलफनामे पर की गई कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट तलब की है। मामला फूलपुर के कमालपुर गांव का है। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक आराजी संख्या 143 चकमार्ग है। स्थलीय सीमांकन के दौरान पाया गया कि इसके आंशिक हिस्से पर विजय भान, अजय भान का मकान व बाउंड्री है।

इन दोनों के खिलाफ बेदखली का मुकदमा फूलपुर तहसीलदार की अदालत में दर्ज कराया गया है। वहीं, गांव के ही विजय प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फूलपुर के एसडीएम से बेदखली के खिलाफ लंबित मुकदमे की जानकारी तलब की थी। इस पर अदालत को जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि फूलपुर के तहसीलदार का तबादला हो गया है। इस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि, खफा कोर्ट ने इस दलील को तल्ख टिप्पणी संग खारिज कर दिया। साथ ही डीएम को मामले की शीघ्र सुनवाई कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें