इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजस्व मुकदमे के निस्तारण में लेटलतीफी पर प्रयागराज के डीएम और फूलपुर के एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई है। कहा, तहसीलदार के तबादले के आधार पर मुकदमे को टरकाने की दलील को हम मंजूरी नहीं दे सकते।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजस्व मुकदमे के निस्तारण में लेटलतीफी पर प्रयागराज के डीएम और फूलपुर के एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई है। कहा, तहसीलदार के तबादले के आधार पर मुकदमे को टरकाने की दलील को हम मंजूरी नहीं दे सकते। तबादला व्यक्ति का हुआ है, तहसीलदार का नहीं। समय से मुकदमों की सुनवाई की व्यवस्था कराना डीएम की ड्यूटी है। इसके लिए जो भी करना पड़े वह करें। मुकदमा किसी लिंक अधिकारी को सौंपे या अन्य तहसील में स्थानांतरित करें।
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इस तल्ख टिप्पणी संग न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने प्रयागराज के डीएम व फूलपुर के तहसीलदार से 25 अप्रैल तक हलफनामे पर की गई कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट तलब की है। मामला फूलपुर के कमालपुर गांव का है। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक आराजी संख्या 143 चकमार्ग है। स्थलीय सीमांकन के दौरान पाया गया कि इसके आंशिक हिस्से पर विजय भान, अजय भान का मकान व बाउंड्री है।
इन दोनों के खिलाफ बेदखली का मुकदमा फूलपुर तहसीलदार की अदालत में दर्ज कराया गया है। वहीं, गांव के ही विजय प्रताप सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फूलपुर के एसडीएम से बेदखली के खिलाफ लंबित मुकदमे की जानकारी तलब की थी। इस पर अदालत को जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि फूलपुर के तहसीलदार का तबादला हो गया है। इस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि, खफा कोर्ट ने इस दलील को तल्ख टिप्पणी संग खारिज कर दिया। साथ ही डीएम को मामले की शीघ्र सुनवाई कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।