जिला कचहरी में वकील नबी अहमद की हत्या से नाराज वकीलों की हड़ताल बुधवार को सातवें दिन भी जारी रही। वकील डीएम और एसएसपी को हटाए जाने की मांग पर अड़े रहे। हड़ताल और भारी संख्या में सुरक्षा बल की मौजूदगी के चलते कचहरी में आम दिनों की अपेक्षा सन्नाटा रहा। छावनी बने कचहरी परिसर का सन्नाटा पुलिस बल के गश्त करने के दौरान बूटों की टापों से टूटती रही।
कचहरी की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरीकेडिंग कर वाहनों को डायवर्ट किया गया। रोज की तरह भारी पुलिस बल कचहरी परिसर में तैनात रहा। एक तरफ वकील मोर्चा संभाले रहे तो दूसरी ओर पुलिस वाले एसएसपी दफ्तर के भारी संख्या में तैनात रहे। वकीलों और पुलिस के बीच दीवार बनकर आरएएफ तैनात रही। लक्ष्मी टॉकीज, जगराम चौराहा, आनंद हॉस्पिटल, कचहरी चौराहा और म्योहॉल चौराहे पर बैरीकेडिंग कर ट्रैफिक पुलिस वाहनों को डायवर्ट करती रही। जिसके चलते कटरा, मनमोहन पार्क और आनंद हॉस्पिटल चौराहे के पास दिनभर जाम के हालात बने रहे।
महिला अधिकार संगठन की अध्यक्ष मंजू पाठक के नेतृत्व में बुधवार को प्रधान कार्यालय में एक बैठक हुई। बैठक में कचहरी कांड पर चर्चा के बाद संगठन आरोपी दरोगा के मामले की पैरवी करने को तैयार है।
मंजूृ पाठक ने कहा कि अदालत में हर व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। आरोपी दरोगा का केस न लड़ने संबंधी निर्णय न्यायोचित नहीं है। ऐसे में पुलिस दोषी है या नहीं उसका पक्ष रखने के लिए महिला अधिकार संगठन तैयार है। उन्होंने कहा कि वकील और पुलिस एक दूसरे के पूरक है। किसी एक की गलती की सजा पूरे महकमे को नहीं दी जा सकती। बैठक में शशि यादव, अजय, विभा, रीता केसरवानी समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।