कोरोना संक्रमण के कारण हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यभार ग्रहण समारोह लटक गया है। नई कार्यकारिणी कब से काम करना शुरू करेगी यह कोई नहीं जानता। फिलहाल बार एसोसिएशन की कमान एल्डर कमेटी के साथ ही निवर्तमान कार्यकारिणी और नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारी मिलकर संभाल रहे हैं।
इसमें जिम्मेदारी किसी की तय नहीं है। वहीं पिछले चार महीने से हाईकोर्ट बार का फोटो एफिडेविट सेंटर बंद होने से बार की आमदनी भी ठप है, जिससे बार के लगभग सौ कर्मचारियों को वेतन भुगतान का संकट गहरा गया है।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की वर्ष 2020-21 की कार्यकारिणी का चुनाव फरवरी में ही हो गया था। मगर मतगणना पूरी होकर परिणाम आता कि इससे पहले ही मार्च में लॉक डाउन हो गया। इससे कार्यकारिणी सदस्यों की मतगणना अटक गई। जून में बची हुई मतगणना कराने की इजाजत मिली और कार्यकारिणी पद का परिणाम आ गया, मगर कोरोना संकट के कारण नई कार्यकारिणी के चार्ज लेने में बाधा उत्पन्न हो गई है।
बार एसोसिएशन के बायलाज के मुताबिक नई कार्यकारिणी को कार्यभार आम सभा दिलाती है। संक्रमण के कारण लगे प्रतिबंधों और सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों के कारण इस समय आम सभा बुलाना संभव नहीं है।
डेमो
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नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र का कहना है कि एल्डर कमेटी से अनुरोध किया गया था कि नवनिर्वावित कार्यकारिणी को वित्तीय अधिकार दिए जाएं, जिससे बार के आवश्यक कार्यों का संपादन हो सके। मगर एल्डर कमेटी इसके लिए तैयार नहीं है।
मौजूदा स्थिति में बार की आमदनी न होने से कर्मचारियों के वेतन भुगतान का संकट खड़ा हो गया है। बार के सौ कर्मचारियों में से मुश्किल से 15-20 को ही काम पर बुलाया जा रहा है। वहीं नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह का कहना है कि चार्ज न देने से कोई विशेष समस्या नहीं है, क्योंकि बार की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित कार्यकारिणी और पूर्व कार्यकारिणी मिलकर पहले से ही निभा रहे हैं।
हाईकोर्ट ने भी कोरोना संकट के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें दोनों कार्यकारिणी के पदाधिकारी शामिल हैं। बार की आमदनी बंद होने से परेशानी जरूर है, क्योंकि लगभग 70 लाख रुपये हाईकोर्ट के निर्देश पर जरूरतमंद वकीलों को बांट दिए गए। ऐसे में अब फोटो एफिडेविट सेंटर खोलने पर बात चल रही है। इसका रास्ता तलाशा जा रहा है, जल्द ही हल निकल आएगा।