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सूरज उग्र, व्याकुल कर रहा चढ़ा पारा

Thu, 30 Mar 2017 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। मौसम के हर दिन बदलते मिजाज से लोगों ने चैत में जेठ जैसी दोपहरी का एहसास करा रहा है। सूरज तमतमाया तो पारा 42 डिग्री से पार हो गया। दस दिन में सूरज ने ऐसे तेवर दिखाए कि पारा करीब दस डिग्री चढ़ गया। अभी तक पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पछुआ का दाब बढ़ा तो धूल भरी आंधी की संभावना बढ़ जाएगी। यह स्थिति किसानों के लिए कष्टकारी हो सकती है। सेहत के लिहाज से भी यह ठीक नहीं है।
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मार्च में होली के आसपास मौसम शीतोष्ण चक्रवात के प्रभाव से बिगड़ा। संभावना थी कि होली पर बारिश रंग में भंग डालेगी। बादल घिरे और कहीं-कहीं बरस कर निकल गए। तब चिंतित किसानों ने राहत की सांस ली। 16 मार्च को अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री तो 17 को 35 डिग्री पर अटक गया। फिर 19 मार्च को लुढ़ककर पारा 32.6 पर आया। तब स हर दिन सूरज आंखें तरेर रहा है और पारा एक से दो डिग्री चढ़ता जा रहा है। न्यूनतम तापमान का धीरे-धीरे चढ़ना रात में सर्दी का सबब बना रहा। अब न्यूनतम तापमान 22.6 पर अटक कर लोगों को व्याकुल कर रहा है।

हर दिन बदल रहे मौसम के कारण अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी इलाकों में सक्रिय रहा। वहां से हिमालय के ऊपर से मैदानी इलाकों में आया पछुआ दाब सूरज के ताप को कम ज्यादा करता रहा। अब हर दिन चढ़ रहा पारे ने बुधवार को तेज गर्मी का भान कराया। आनेवाले दिनों में इससे मौसम की चाल बदल सकती है। मौसम विज्ञानी बीएन मिश्रा के मुताबिक सूर्य उत्तरायण हो रहा है। पछुआ का दबाव बढ़ा तो आंधी की संभावना बनती है। यह ग्लोबल वार्मिंग का ही असर है। जाड़े में आंधी-तूफान या ओले नहीं गिरे। ताप बढ़ा तो हवा की चाल अंधड़ में बदल सकती है। अनुमान है कि इस बार तेज गर्मी पड़ेगी। पारा अप्रैल के शुुरुआत में ही 45 डिग्री से पार जा सकता है।
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कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च में इस तरह की गर्मी गेहूं और अन्य फसलों के लिए ठीक नहीं है। समय से पहले पिछैती गेहूं की फसल पक गई। इससे गेहूं के दाने पतले हो सकते हैं। उपज पर प्रभाव पड़ेगा। यदि आंधी आई और बादल बरसे तो खलिहानों में पड़ी फसल के बोझ खराब हो सकते हैं।
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