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Prayagraj News: अधीक्षक को धमकी देने का आरोपी छात्र रैगिंग में भी शामिल

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के एसएसएल छात्रावास के अधीक्षक के साथ गालीगलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी छात्र वैभव कुमार की रैगिंग समेत कई अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आई है। प्रॉक्टोरियल टीम ने शनिवार को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है, इसमें छात्र को दोषी पाया गया है। वहीं, अधीक्षक पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया गया है।
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एसएसएल के डॉ.पवन कुमार शर्मा ने शुक्रवार को कुलानुशासक से शिकायत की थी कि परास्नातक के छात्र वैभव कुमार ने विभाग में आकर गालीगलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी।
इस पर कुलानुशासक प्रो.राकेश सिंह ने उप कुलानुशासक डाॅ.अतुल नारायण सिंह, सहायक कुलानुशासक डॉ.मीनाक्षी जोशी, डॉ.शिव कुमार यादव एवं डॉ.मनीश कुमार गौतम की जांच कमेटी बनाई थी जिसने शनिवार को रिपोर्ट साैंप दी। रिपोर्ट के अनुसार आरोपी छात्र छात्रावास में अवैध तरीके से कब्जा जमाए हुए है। छात्रावास में हुई रैगिंग में भी उसकी संलिप्तता पाई गई है। इसके अलावा भी उस पर कई अन्य आरोप पाए गए हैं।
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प्रो.राकेश सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी गई है। उनका कहना है कि अधीक्षक के साथ छात्र ने भी थाने में तहरीर दी है। इसके अलावा इस घटना को लेकर परिसर में अराजकता भी हो सकती है। इसलिए एसीपी को भी रिपोर्ट भेज दी गई है। उनका कहना है कि अभी जांच जारी है। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


हाई पॉवर कमेटी करेगी जांच
- अधीक्षक और छात्र के आरोपों की जांच के लिए कुलपति की संस्तुति पर हाई पॉवर कमेटी गठित की जाएगी। प्रो.राकेश सिंह ने कहा कि छात्र ने अनुसूचित जाति का होने की बात कहते हुए उत्पीड़न का आरोप लगाया है इसलिए कमेटी में विभाग के अलावा अनुसूचित जाति के शिक्षक को भी शामिल किया जाएगा। इनके अलावा कमेटी में प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू कार्यालय से भी शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। हाई पॉवर कमेटी शिक्षक और छात्र दोनों की शिकायतों के परिप्रेक्ष्य में जांच करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आयोग की कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- छात्र एसएसएल छात्रावास के कक्ष संख्या 45 में अवैध रूप से रह रहा है
- रैगिंग में आरोपी छात्र की संलिप्तता पाई गई है, आरोपी पूर्व में भी परिसर तथा छात्रावास में अराजकता की घटनाओं में शामिल रह चुका है
- आरोपी छात्र वैभव अधीक्षक से मिलने के लिए भूगोल विभाग में गया, जबकि अधीक्षक छात्रावास में पर्याप्त समय देते हैं
- परास्नातक छात्र के छात्रावास में प्रवेश का अधिकार अधीक्षक के पास नहीं है, डीएसडब्ल्यू से प्राप्त सूची के आधार पर ही प्रवेश होता है इसके बावजूद छात्र अधीक्षक से मिला
- छात्रावास में प्रवेश संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए छात्र को 14 अक्तूबर को डीएसडब्ल्यू कार्यालय में बुलाया गया था लेकिन इससे पहले ही छात्र ने 100 लोगों के साथ चीफ प्रॉक्टर कार्यालय का घेराव किया
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