इलाहाबाद। जिले में डेंगू का प्रकोप फैलता ही जा रहा है। सोमवार को खून के नमूने मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में भेजे गए थे। विभाग ने जांच के बाद चार और मरीजों में डेंगू की पुष्टि कर दी। डेंगू के नए मामले सामने आने के बाद भी मलेरिया विभाग लापरवाह बना हुआ है। उसकी ओर सोमवार को भी रोकथाम के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। यहां तक कि मरीजों की खोज-खबर भी नहीं ली गई।
डेंगू की पुष्टि जिन मरीजों में हुई है, उनमें घूरपुर के मनकापुर निवासी अनिल कुमार द्विवेदी हैं। वह गुड़गांव में रह रहे थे लेकिन तबीयत खराब हुई तो गांव चले आए। यहां उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई। जांच कराई गई तो डेंगू की पुष्टि हो गई। इसके अलावा डेंगू से पीड़ित अतुल का उपचार स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय और रीतिक का बेली अस्पताल में चल रहा है, जबकि विद्या निवास का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. मोनिका ने बताया कि सोमवार को छह नमूने आए थे, जिसमें चार में पुष्टि हुई है। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केपी द्विवेदी ने मामले की जानकारी होने से इनकार कर दिया। डेंगू के इसके पहले भी दो मामले सामने आ चुके हैं। डीपीआरओ आरपी मिश्र और ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के पास रहने वाले शैलेष मिश्र इसकी चपेट में हैं। दोनों का उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज में बंद थी जांच
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अभी तक डेंगू की जांच नहीं हो पा रही थी। मरीज निजी पैथोलॉजी में जाने को मजबूर थे, जबकि स्वास्थ्य विभाग निजी पैथोलॉजी की रिपोर्ट को मानता ही नहीं। उसका तर्क है कि निजी पैथोलॉजी में जांच किट से होती है। उसमें प्लेटलेट्स काउंट्स कम आ जाएंगे लेकिन डेंगू की सही पुष्टि नहीं होती। पिछले हफ्ते ही माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने मशीन को ठीक कराया है। उसी के बाद इसकी जांच शुरू हो सकी है।