इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना के समक्ष रेलकर्मियों ने बुधवार को अपनी तमाम समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। एनसीआर मुख्यालय में स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाईज संघ (एनसीआरईएस) के नेताओं ने मुख्य रूप से डा. विवेक देबराय कमेटी की रिपोर्ट का विरोध किया। साथ ही रेलकर्मियों से जुड़ी कई अन्य समस्याएं भी महाप्रबंधक के समक्ष रखी। इस दौरान जीएम एनसीआर ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनने के साथ रेलवे की तमाम उपलब्धियां यूनियन नेताओं को बताई। उन्होेंने बेहतर प्रदर्शन के लि रेलवे कर्मियों को बधाई भी दी।
पीएनएम बैठक में एनसीआरईएस की ओर से जोनल अध्यक्ष शकील हैदर, महामंत्री आरपी सिंह, मंडल अध्यक्ष आलोक सहगल आदि ने का कि देबराय कमेटी ने रेलवे रेगुलेटरी आथारिटी आफ इंडिया के गठन की सिफारिश कर रेलवे बोर्ड को बांटने का कार्य करते हुए रेलवे चिकित्सालय, स्कूल, कैटरिंग, कारखाने, प्रोडक्शन यूनिट, सुरक्षा, रेलवे क्वार्टरों आदि का रखरखाव निजी हाथों में देने की सिफारिश की है। इसका एनसीआरईएस और एनएफआईआर पुरजोर विरोध करती है। यूनियन नेताओं ने नई पेंशन स्कीम को रद करने की भी मांग की।
इसके अलावा रनिंग स्टाफ को समय से रेस्ट देने, आठ घंटे से अधिक ड्यूटी न कराने, सहायक लोको पॉयलट से कपलिंग कटवाने और जोड़ने का काम बंद कराने को कहा गया। ओवर ऑल 82 मुद्दे यूनियन की ओर से बैठक में उठाये गए। वहीं महाप्रबंधक नेे यूनियन नेताओं को बताया कि एनसीआर में 11 हजार ग्रुप सी एवं डी कर्मियों को रीस्ट्रक्चरिंग का लाभ समय से दे दिया गया है। 5300 कर्मचारियों की पदोन्नति भी की गई। अनुकंपा आधरित केस भी जल्दी से निपटाये जा रहे हैं। जीएम ने कई स्टेशनों के यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य होने के बारे में भी बताया। साथ ही यूनियन नेताओं को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों से जुड़े पुराने मामलों को जल्द निपटा दिया जाएगा।