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जेल सिपाही के बेटे की गोली मारकर हत्या

Sat, 22 Sep 2018 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मेजा के जेवनिया गांव में शुक्रवार शाम जेल सिपाही के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोस्त के साथ वह बाइक से निमंत्रण में शामिल होने जा रहा था वारदात को अंजाम दिया गया। परिजनोें ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर रहने वाले पिता-पुत्र व एक अन्य के खिलाफ तहरीर दी है। उधर आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घर तोड़फोड़ के साथ ही बोलेरो फूंक दी। साथ ही ऊंचडीह-मंदरा मार्ग जाम कर दिया। खबर लिखे जाने तक जाम खुलवाया नहीं जा सका था।
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कुंवरपट्टी गांव निवासी माता प्रसाद मिश्रा वाराणसी जेल में सिपाही के पद पर तैनात हैं। अंशू (22) उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर पर था। पढ़ाई खत्म होने के बाद वह घर पर ही रहता था। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया है कि शुक्रवार शाम सात बजे के करीब अंशू पड़ोस के रोहित के साथ बाइक से घर से निकला। उसे अटखरिया गांव में एक निमंत्रण में शामिल होने जाना था। अभी वह जेवनिया गांव स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचा था, तभी तीन लोगों ने उसकी बाइक रोक ली। इसके बाद उनमें से एक युवक ने एक के बाद एक दो फायर झोंके। पहला निशाना तो चूक गया, लेकिन दूसरी गोली अंशू के सीने में लगी और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद हमलावर भाग निकले। सूचना पर घरवाले रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।  हालांकि, अस्पताल ले जाने से पहले ही अंशू की सांसें थम गईं।

तब तक मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए थे। परिजनोें ने आरोप लगाया कि हमलावरों में श्रीकृष्ण उर्फ सूबेदार, उसका बेटा निहाल पांडेय व नागेश पांडेय निवासी जेवनिया शामिल थे। घटना से आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घर धावा बोल दिया। वहां पहुंचकर तोड़फोड़ की, साथ ही वहां खड़ी बोलेरो को आग के हवाले कर दिया। साथ ही ऊंचडीह-मंदरा मार्ग जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन परिजनों के विरोध को देखते हुए वह पीछे हट गए। जानकारी पर एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी भी पहुंचे लेकिन परिजन जाम खत्म करने को राजी नहीं हुए। वह एसएसपी को बुलाने की मांग पर अड़े थे। खबर लिखे जाने तक जाम खुलवाया नहीं जा सका था।
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पुलिस ने बताया कि परिजनों का आरोप है कि अंशू को गोली निहाल ने मारी। यह भी बताया कि निहाल का पिता और मौके पर मौजूद रहा आरोपी श्रीकृष्ण भी वाराणसी जेल में सिपाही है। वह इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी तो वह फरार मिले। घर में कोई नहीं मिला। तलाशी के दौरान आधी बोरी कारतूस मिले हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल घरवालों ने हत्या का कोई कारण नहीं बताया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।  

अंशू की हत्या पर परिजन फूट-फूटकर रोते रहे। घर के अन्य लोगों के साथ ही मां उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों ने बताया कि अंशू की शादी तय थी। निबहिया गांव में उसका रिश्ता परिजन तय कर चुके थे। अगले साल आठ फरवरी को शादी की तारीख तय की गई थी।
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