संन्यासी परंपरा के अखाड़े पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महाकुंभ के आमंत्रण पत्र में नए नामकरण को लेकर एक बार फिर विवाद पैदा हो गया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्रपुरी (निरंजनी) का कहना है कि जिसके पास बहुमत है उसी का सर्व सम्मति से दिया नाम मान्य होगा। नामकरण का प्रस्ताव किया जा चुका है। इसके लिए अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि को नामित किया जा चुका है। रही बात दूसरे धड़े की तो उनके पास सिर्फ चार अखाड़े हैं। ऐसे में उनको महाकुंभ में इस तरह की विवादित बातें नहीं करनी चाहिए।
उधर, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत यमुना पुरी का कहना है कि गुलामी के प्रतीक नामों को बदल दिया गया है। महानिर्वाणी के आमंत्रण पत्र में दो जनवरी 2025 को कुंभ मेला छावनी प्रवेश शोभायात्रा की तिथि घोषित की गई है। इसी तरह प्रथम कुंभ अमृत स्नान 14 जनवरी, द्वितीय कुंभ अमृत स्नान 29 जनवरी और तृतीय कुंभ अमृत स्नान तीन फरवरी को लिखा गया है। जबकि, छह दिसंबर को कुंभ छावनी भूमि पूजन और 22 दिसंबर को धर्मध्वजा स्थापना की तारीख तय की गई है।