डांडी बाजार में मंगलवार को शिवम और उसकी पत्नी नेहा की आत्महत्या की गुत्थी नहीं सुलझ पाई। न तो उनके काल रिकार्ड्स से कुछ पता चला न ही घर वालों से पूछताछ में। दो दिन पहले नेहा से मिलने उसके माता पिता आए थे। उन्होंने बताया कि वह अवसादग्रस्त लग रही थी। उन्होंने पूछा लेकिन उसने कुछ बताया नहीं था। बुधवार को दोनों घरों में लोग सांत्वना देने आते रहे।
नेहा के पिता श्याम लाल ने बताया कि वह और उसकी पत्नी सुनीता देवी सोमवार रात को अपनी बेटी के घर गए थे। वह महेवा निवासी अपनी बहन के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल आए थे तो अपनी बेटी के यहां रूके थे। बातचीत में उन्होंने बताया कि बेटी अवसाद में थी लेकिन पूछने पर कुछ भी नहीं बताया। उनके लौटने के बाद नेहा ने अपनी बहन रीया को फोन किया था और बताया कि पापा मम्मी उससे मिलने आए थे।
दिसबंर में नेहा और शिवम की शादी हुई थी। लेकिन पांच माह में नेहा एक सप्ताह भी अपने मायके में नहीं रही। नेहा के पिता ने बताया शादी के बाद जब भी वह घर आई तो एक दो दिन में ही लौट गई। होली पर्व में वह उसका पति व देवर सौरभ घर आए थे और दो दिन तक थे। दो दिन बार शिवम और सौरभ चले गए। लेकिन कुछ घंटे बाद शिवम ने फोन करके नेहा को बुलाने की बात कही। इसको लेकर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी लेकिन अधिक दबाव बनने पर उन्होंने नेहा का विदा कर दिया।
नेहा के मायके वालों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी तरह की परेशानी नहीं होने पर भी इस तरह का आत्मघाती कदम उठाना समझ से परे है। कही से कोई भी दबाव या परेशानी रही होगी जो इन दोनों ने इतना बड़ा कदम उठाया। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं होने से दोनों परिवार परेशान है।