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डॉक्टर के गार्ड की बंदूक लूट ले गए बदमाश

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The rogue robbed the gun of the doctor's guard
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डॉक्टर के गार्ड की बंदूक लूट ले गए बदमाश
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जार्जटाउन में पन्नालाल रोड पर घटना, फैली सनसनी
शहर भर में नाकेबंदी के बावजूद नहीं पकड़े गए बदमाश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जार्जटाउन में पन्नालाल रोड पर रहने वाले डॉक्टर के गार्ड राजकिशोर पाठक (56) से बदमाश डबल बैरक बंदूक लूट ले गए। सूचना पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने शहर भर में नाकेबंदी कराकर चेकिंग कराई। हालांकि देर रात तक बदमाशों का सुराग नहीं मिल सका था।
पन्नालाल रोड पर कंपनी बाग के गेट नंबर छह के सामने स्थित सरकारी आवास में रहने वाले डॉ. अरविंद गुप्ता मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। जहां मूल रूप से कौशाम्बी का रहने वाला राजकिशोर चार साल से गार्ड की नौकरी करता है। पांच दिन पहले डॉक्टर ने जसरा निवासी विमल शुक्ला को भी बतौर गार्ड रख लिया। राजकिशोर की ड्यूटी सुबह आठ से रात आठ व विमल की रात नौ से सुबह छह बजे तक थी। राजकिशोर ड्यूटी के बाद अपनी बंदूक पास ही स्थित अस्पताल में रख देता था। मौसम खराब होने पर रविवार सुबह विमल भी अपनी डबल बैरल बंदूक वहीं रखकर घर चला गया। बकौल राजकिशोर, रविवार रात सवा आठ बजे के करीब ड्यूटी खत्म हो चुकी थी। ऐसे में उसने सोचा कि वह विमल के आने से पहले ही बंदूक लाकर अपने पास रख ले और उसके आने पर उसे दे दे। वह बंदूक लेकर आ ही रहा था कि तभी पीछे से आए बाइकसवार दो बदमाश उससे बंदूक लूटकर भाग निकले। उसके पास मोबाइल नहीं था, ऐसे में वह भागता हुआ अस्पताल पहुंचा और गार्ड को जानकारी दी। लेकिन कई बार मिलाने पर भी 100 नंबर पर कॉल नहीं लगी। करीब 8.45 पर विमल पहुंचा तो उसे घटना की जानकारी दी। जिसके बाद उसके सूचना देने पर जार्जटाउन व कर्नलगंज पुलिस के साथ एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी पहुंच गए। पूछताछ के बाद नाकेबंदी कराकर शहर भर में चेकिंग कराई गई लेकिन, देर रात तक बदमाशों का सुराग नहीं मिल सका था। पुलिस का कहना है कि घटना की जानकारी आधे घंटे बाद देने की वजह से गार्ड भी संदेह के घेरे में है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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अनूठी जांच करती रही क्राइम ब्रांच
घटना की जानकारी के बाद मौके पर क्राइम ब्रांच भी पहुंची। लेकिन इस टीम के प्रभारी व उनके मातहत ने जांच पड़ताल का जो तरीका अपनाया, वह काफी हैरत भरा रहा। वह जांच शुरू करने से पहले ही भुक्तभोगी गार्ड को संदिग्ध मान बैठे। गार्ड के यह बताने पर कि, बंदूक छीनते वक्त बदमाशों के धक्का देने पर वह सड़क पर गिर पड़ा था, क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क पर ही लिटा दिया और पूछने लगे कि बताओ तुम कैसे सड़क पर गिरे। यह देख नवागंतुक सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने जांच के इस तरीके पर फटकार लगाई तब जाकर गार्ड खड़ा हो सका।
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