क्षेत्र में सड़कें बदहाल हैं। सड़क एक ओर से बनती जा रही है तो दूसरी ओर से उखड़ती जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी है।
रीवा रोड से मझियारी कलां को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत एक पखवाड़े पहले कराया गया था। बनने के बाद सड़क उखड़ने लगी। बताया गया कि मरम्मत में घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी की गई है। इसी तरह घूरपुर से प्रतापपुर मार्ग पर लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 27 किलोमीटर की इस सड़क के निर्माण में ठेकेदार और संबंधित विभाग की मिलीभगत से मानकों को ताक पर रख दिया गया है ।
प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में साढ़े पांच किलोमीटर की सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड का निर्माण किया गया था। इसमें सेंधवार, सुजौना, चिल्ला, बसहरा, छतहरा और सोनौरी और लालापुर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं जल निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
ग्रामीण बृजेश कुमार यादव, श्यामाकांत मिश्र, प्रताप सिंह, आशुतोष सिंह भदौरिया, शंकर लाल पांडेय, मनोज त्रिपाठी आदि का कहना है कि कई सालों के लंबे इंतजार के बाद सड़क का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री के चलते इसकी उम्र ज्यादा लंबी नजर नहीं आ रही है।
इस संबंध लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता कृपा शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क निर्माण में अनियमितता की जांच की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।