जंक्शन पर पिछले माह जनता कर्फ्यू से पहले और बाद में मुंबई से आने वाली सभी ट्रेेनों से आए करीब पांच हजार यात्रियों की जिले में आमद से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को तमाम एहतियात के बाद तीन मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
ट्रेन यात्रा के 50 दिन बाद एक शंकरघाट तेलियरगंज निवासी युवक के कोरोना संक्रमित होने पर स्वास्थ्य विभाग मुंबई से आए यात्रियों की नए सिरे से जांच करा सकता है। हालांकि विभाग ने सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग का दावा किया है पर बदली परिस्थितियों में संक्रमण नियंत्रण के लिए आरआरटी टीमों को सक्रिय किया गया है।
ग्रामीण इलाकों में आशा समेत अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की स्क्रीनिंग में चिह्नित किए गए दो नए संक्रमित मरीजों से इतर मुंबई से आए अन्य लोगों को खोजने का अभियान शनिवार से चलेगा। वहीं शहरी इलाके की दो मलिन बस्तियों में मुंबई से 23 मार्च को आए दो लोगों की कोरोना जांच स्थानीय लोगों की शिकायत पर कराई जा चुकी है। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव रही पर शुक्रवार के हालात बताते हैं कि जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा अभी कम नहीं हुआ है।
सीएमओ डॉ. मेजर डीएस बाजपेयी के मुताबिक लोगों आसपास कोरोना संदिग्ध या पूर्व में यात्रा कर चुके किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखें तो कंट्रोल रूम पर सूचना दे सकते हैं। वैसे चिह्नित यात्रियों पर टीम सदस्य नजर रख रहे हैं। होम क्वारंटीन लोगों का स्वास्थ्य अब बेहतर है। वहीं कोरोना के नोडल अफसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि बस्तियों और मोहल्लों में पहुंच रहीं रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) को जांच के दौरान स्थानीय लोग आसपास रहने वालों के बारे में सूचनाएं दे रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं।