prayagraj news : संगम तट पर गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण सामान हटाते घाटिये।
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गंगा-यमुना के जलस्तर में शनिवार को तेजी आ गई। फाफामऊ में गंगा 1.50 सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ने लगी है। इससे घाटों पर कटान का क्षेत्र बढ़ने लगा है। लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़ने जाने की वजह से गंगा में जल दबाव बढ़ रहा है। संगम पर पानी बढ़ने से दर्जनों तीर्थपुरोहितों को चौकियां लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। देर शाम तक संगम से सामान हटाने का सिलसिला जारी था।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से शनिवार को संगम से तीर्थ पुरोहितों की चौकियां और अन्य सामानों को हटाने का सिलसिला सुबह से ही आरंभ हो गया। लोग महावीर मार्ग, अक्षयवट के अलावा बेनी बांध की ओर खिसक रहे हैं। फाफामऊ घाट पर इस दिन गंगा का जलस्तर बढ़ने से धारा में तेजी आ गई। छतनाग में भी गंगा और नैनी में यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.83 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां 1.50 सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से जल स्तर बढ़ रहा है।
सिंचाई बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक इस अवधि तक छतनाग में जलस्तर बढ़कर 72.18 मीटर पर पहुंच गया। यहां भी गंगा एक सेंमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। इसी तरह नैनी में यमुना का जल स्तर 72.70 मीटर रिकॉर्ड किया गया। इस दिन कानपुर बांध से 1.60 लाख क्यूसेक पानी गंगा में पानी छोड़ दिया गया। इससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। गंगापुत्र घाटिया संघ के शालिग्राम पांडेय, राजमणि तिवारी ने बताया कि पानी बढ़ने से संगम पर दिक्कतें पैदा हो गई हैं। इस दिन संगम पर दिन भर सामान समेटने के लिए लोग पसीना बहाते रहे।