सुंदरीकरण के नाम पर सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग उधड़ी पड़ी है। करीब आठ माह पहले शुरू हुआ काम खत्म होने की समय सीमा छह अगस्त है, लेकिन काम अभी आधा भी नहीं हो सका है। ठेकेदारों की मनमानी और एडीए इंजीनियरों द्वारा नियमित निगरानी न करने का नतीजा है कि पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर तक के जिस हिस्से को अगले चार दिनों में पूरी तरह सज-संवर कर तैयार हो जाना था, वहां दोनों ओर पटरी खुदी पड़ी है।
दो अगस्त को महात्मा गांधी मार्ग पर पैलेस चौराहा से सुभाष चौराहा के बीच दाहिनी ओर एलचिको रेस्टोरेंट के आसपास सड़क पर दुकानदारों के साथ ग्राहकों को काफी परेशानी हुई। यहां एक बड़ा पेड़ काटा गया गया और मोटी-मोटी डालें पटरी पर दूर तक फैली रहीं। डक के बजाए यहां पाइप लाइन बिछाने के पटरी की खोदाई में निकली मिट्टी नहीं हटाई गई। ऊपर से बड़े-बड़े पाइप भी लाकर रख दिए गए हैं।
मुख्य सचिव दीपक सिंघल की फटकार और ‘अमर उजाला’ की ओर से अभियान शुरू होने का नतीजा हुआ कि पत्थर गिरजाघर से एक्सिस बैंक तक करीब डेढ़ सौ मीटर में दोनों तरफ पटरी निर्माण के काम ने मंगलवार को रफ्तार पकड़ ली। यहां सरिया का जाल बिछाकर कंक्रीट से पटरी बनाने का काम तेजी से किया गया, जबकि क्लाइव रोड क्रासिंग पर पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क भी पाट दी गई।
डक बनाने और पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदाई का काम रात में करके मिट्टी भी तुरंत हटानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। पटरी पर पड़ी मिट्टी से उठती धूल और जहां-तहा फैली गिट्टी, बालू के कारण ग्राहक दुकान में नहीं आ रहे। समर जायसवाल, फोटोग्राफी शॉप