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चयनितों के सत्यापन की आड़ में वसूली

Tue, 10 May 2016 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में 10 लाख से अधिक पात्र गृहस्थियों का चयन किया गया है और उन्हें गेहूं, चावल का वितरण भी शुरू कर दिया गया है लेकिन इसके साथ ही चयनितों नई मुसीबत ने घेर लिया है। प्रशासन जिले भर में चयनितों का सत्यापन करा रहा है ताकि किसी पात्रता सूची में शामिल किए गए किसी अपात्र को चिह्नित कर सूची से बाहर किया जा सके लेकिन सत्यापन कराने वाले इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। पुराने शहर में सत्यापन के बदले लोगों से 100-100 रुपये की मांग की जा रही है और पैसा न देने पर पात्रों को भी अपात्र घोषित करने की धमकी दी जा रही है।
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शोषण का शिकार लोग खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। उन्हें आशंका है कि नाम सामने आया तो पात्रता सूची से उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चयनित पात्र गृहस्थितियों के सत्यापन के लिए ग्रामीण इलाकों में पशु चिकित्साधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, ग्राम विकास अधिकारी एवं रोजगार सेवकों और शहरी क्षेत्र में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को लगाया है। शिकायतें अब तक शहरी क्षेत्र से ही आई हैं। पुराने शहर में कुछ ज्यादा शिकायते हैं। अटाला, करेली, मीरापुर, शास्त्रीनगर, रसूलपुर, तुलसीपुर, करेलाबाग कॉलोनी, गौसनगर, रहमत नगर, सुल्तानपुर भावा में रहने वालों की शिकायत है कि सत्यापन करने वालों ने उनसे 100-100 रुपये की मांग की। ज्यादातर पात्र गृहस्थितयों ने पैसे दे दिए ताकि उन्हें पात्रता सूची से बाहर न किया जाए। कुछ लोगों ने इनकार किया तो उनके नाम पर कैंची चला दी गई। ऐसे लोगों पात्रता सूची में नाम वापस जुड़वाने के लिए आपूर्ति विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इस बारे में एडीएम आपूर्ति प्रेम प्रकाश पाल का कहना है कि मंगलवार को ही बैठक बुलाकर संबंधित लोगों से पूछताछ करेंगे और इसकी जांच कराएंगी। अगर पैसे की मांग की जा रही है तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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