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डीआईओएस की संस्तुति के बाद भी परीक्षा नहीं हुई निरस्त

Thu, 12 Mar 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पकड़ी जाने वाली सामूहिक नकल के खिलाफ जिला विद्यालय निरीक्षक ने परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश यूपी बोर्ड से की। लेकिन उसकी अनदेखी करके बोर्ड के अधिकारी परीक्षा निरस्त नहीं कर रहे हैं। परीक्षा के दौरान सचल दस्ते को हिंदी, भौतिक विज्ञान सहित कई विषयों में सामूहिक नकल मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने परीक्षा निरस्त करने के साथ केंद्र को डिबार करने की संस्तुति बोर्ड को भेजी थी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक की सिफारिश को दर किनार करते हुए यूपी बोर्ड ने इलाहाबाद जिले में मात्र एक केंद्र की परीक्षा निरस्त की है।यूपी बोर्ड के सचिव अमर नाथ वर्मा का कहना है कि सचल दस्ते को किसी भी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी नकल करते नहीं मिले हैं, सचल दल की ओर से परीक्षा केंद्रों के खिलाफ एफआईआर अज्ञात के खिलाफ दर्ज करवाई गई है। सचल दस्ते में शामिल अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों की दैनंदिनी में नकल को लेकर कोई बात दर्ज नहीं की हैं। ऐसे में परीक्षा निरस्त नहीं की जा सकती है। जिला विद्यालय निरीक्षक की रिपोर्ट में केंद्र को डिबार करने की बात कही गई है, परीक्षा निरस्त करने की नहीं।

वहीं 23 फरवरी को हाईस्कूल विज्ञान की परीक्षा में गंगापार के बाला प्रसाद कुशवाहा इंटर कॉलेज बलरामपुर में निरीक्षण करने पहुंचे डीआईओएस-2 आरएन विश्वकर्मा के दल पर परीक्षा केंद्र पर पथराव हो गया। इस परीक्षा केन्द्र के केन्द्र व्यवस्थापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के बाद परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश की गई। यूपी बोर्ड सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय के बयानों में विरोधाभास होने पर परीक्षा निरस्त नहीं की। इसी प्रकार की शिकायत पूरे प्रदेश से मिली हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश मंत्री एवं जिलाध्यक्ष लालमणि द्विवेदी इसे नकल माफिया की परीक्षा प्रक्रिया पर सीधी दखल मानते हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की आपसी लड़ाई में सही गलत का फैसला नहीं हो रहा है।
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