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गांधी भवन में ठहरा दी बारात

Sat, 03 Dec 2016 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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mahatma gandhi
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जिस गांधी भवन एवं शोध संस्थान की स्थापना गांधीवादी मूल्यों पर चर्चा और शैक्षिक गोष्ठियों के लिए की गई हो, उसमें बारात ठहरा दी गई। भवन के दुरुपयोग का छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने इविवि प्रशासन के इस कदम को शैक्षिक गरिमा गिराने वाला बताया है। छात्रों का आरोप है कि विवाह एवं बारात में शामिल लोगों ने गांधी जी की मूर्ति के पास बैठकर असामाजिक कार्य किए, यह किसी प्रकार से उचित नहीं है।
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वहीं स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने इस घटना पर तीखा रोष व्यक्त किया है। एसएफआई की ओर से विरोध जुलूस निकालकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें 100 से अधिक छात्रों ने हस्ताक्षर भी किए। जुलूस का नेतृत्व एसएफआई इविवि इकाई के सचिव फिरोज वारसि ने किया और इविवि प्रशासन के इस कदम को गलत बताया। उपाध्यक्ष राजेंद्र पाल ने कहा कि इविवि प्रशासन बताए कि किस ऐक्ट के तहत संस्थान के शैक्षणिक परिसर को शादी के लिए उपलब्ध कराया गया है। संयुक्त सचिव रत्नेश ने कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी कि 30 नवंबर को गांधी भवन में आयोजित हुए शादी समारोह को लेकर बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अनिल कुशवाहा, आशुतोष पाठक, राहुल, रविपाल, सूर्य प्रकाश सहित छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

इविवि के एक प्रोफेसर की बेटी की शादी थी, बारातियों को जलपान करने के लिए गांधी भवन दे दिया तो क्या गलत किया।
- प्रो. योगेश्वर तिवारी, निदेशक गांधी अध्ययन एवं शोध संस्थान, इविवि

शैक्षिक परिसर का उपयोग शादी समारोह के लिए किया जाना पूरी तरह से विवि की परंपरा के खिलाफ है। गांधी भवन में बारात टिकाने के लिए अनुमति देना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी निंदा की जानी चाहिए।
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- प्रो. एमपी दुबे, कुलपति उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि एवं पूर्व निदेशक गांधी भवन

गांधी भवन का उपयोग गांधी वादी मूल्यों की चर्चा के साथ शैक्षिक कार्यों के लिए किया जाता है। इसका उपयोग बारात टिकाने के लिए करना संस्थान की गरिमा गिराने के समान है।
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- प्रो. मोहम्मद असलम, पूर्व निदेशक गांधी भवन, पूर्व विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान
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