जंक्शन पर अवैध वसूली का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी नहीं थमा। जीआरपी अफसरों के दावे हवा-हवाई साबित हुए और निजी वाहन मालिक व ई रिक्शा चालक दूसरे दिन भी जबरन वसूली का शिकार हुए। पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली करने वाले युवक बेखौफ होकर निजी वाहन मालिक और ई-रिक्शा चालकों से रुपये वसूलते रहे। यह हाल तब था जबकि पुलिस और रेलवे की ओर से बकायदा पोस्ट कर जानकारी दी गई कि मामले में जीआरपी और आरपीएफ को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
अमर उजाला ने बुधवार को स्टिंग ऑपरेशन कर इस खेल का भंडाफोड़ किया था। बताया था कि किस तरह नियम कानून को ठेंगा दिखाते हुए पार्किंग शुल्क वसूलने वाले दबंग युवक जंक्शन पर आने वाली निजी वाहन मालिकों और ई रिक्शा चालकों से क्रमशः 40 और 20 रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। ड्रॉप एंड गो लेन में 15 मिनट तक नि:शुल्क व्यवस्था होने के बावजूद दबंगई के बल पर लोगों की मेहनत की कमाई लूटी जा रही है।
बुधवार को इस संबंध में बात करने पर जीआरपी के अफसरों की ओर से दावा किया गया था कि वह इस मामले की जांच कराएंगे और अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। इसके बावजूद जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में अवैध वसूली का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।
फोटो है तीनों की
घर चलाना है साहब, लड़ाई झगड़ा तो नहीं कर सकते
अमर उजाला की टीम को बृहस्पतिवार को भी जंक्शन के सिविल लाइंस साइड पर तमाम ऐसे ई-रिक्शा चालक और निजी वाहन मालिक मिले, जो अवैध वसूली का शिकार हुए। ई रिक्शा चालक शेखू भी इन्हीं में से एक था। उससे पूछा गया कि क्या आज भी जंक्शन पर इंट्री के लिए पैसे लिए गए तो उसने हां में जवाब दिया। शिकायत क्यों नहीं करते, इस सवाल पर उसका कहना था कि परिवार का पेट पालना है, ऐसे में किसी से लड़ाई झगड़ा करके नहीं रह सकते। कुछ ऐसा ही जवाब ई रिक्शा चालक अनुपम विश्वास ने भी दिया। उसने कहा शिकायत करने से कोई फायदा नहीं है। उल्टा खुद को ही नुकसान उठाना पड़ेगा। शिकायत करने पर पुलिस अलग परेशान करती है। ऐसे में 20 रुपये देकर छुटकारा पाना ही सही है। ई रिक्शा चालक गुलाब ने बताया कि रुपए वसूलने वाले युवक स्थानीय और मनबढ़ प्रवृत्ति के हैं। विरोध करके आप जंक्शन के आसपास भी ई-रिक्शा नहीं चला सकते। ज्यादा कुछ करने पर वह मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं।
किसकी शह पर गुर्गे कर रहे नियम कानून से खिलवाड़
जंक्शन पर अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई ना होने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुलेआम नियम कानून से खिलवाड़ करने का यह खेल किसकी शह पर खेला जा रहा है। कौन है जो न सिर्फ रेलवे के बनाए नियम को उसके ही परिसर में रहकर तोड़ रहा है बल्कि जीआरपी और आरपीएफ की नाक के नीचे ही अवैध वसूली जैसा आपराधिक कृत्य भी कर रहा है।