थरवई थाने में तैनात दरोगा विश्वेंद्र यादव ने चोरी के आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ दिया। यही नहीं पीड़ित रिटायर नलकूप ऑपरेटर से भी सबमर्सिबल पंप लौटाने के लिए रुपये वसूल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत की तो आईजी का पारा चढ़ गया। उन्होंने जांच में शिकायत सही मिलने पर आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया। घटना बृहस्पतिवार को दिन भर पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी रही।
पीड़ित राजदेव शुक्ला थरवई थाना क्षेत्र के कटिहाई गांव के रहने वाले हैं जो नलकूप ऑपरेटर के पद से रिटायर हैं। 16 अगस्त को उनके घर में लगा सबमर्सिबल पंप चोरी हो गया। वह थाने गए तो पुलिस ने शिकायती पत्र तो रख लिया लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की। उन्होंने शिकायती पत्र में शक जताया था कि पड़ोसी गांव के एक व्यक्ति के घर उनका सबमर्सिबल पंप हो सकता है। पुलिस ने दबिश दी तो बात सही निकली और सबमर्सिबल पंप बरामद हो गया। पुलिस पंप समेत उस घर के एक व्यक्ति को थाने लाई और खेल यहीं से शुरू हुआ। आरोप है कि दरोगा विश्वेंद्र यादव ने पूछताछ शुरू की तो उस व्यक्ति ने बताया कि उसे किसी अन्य ग्रामीण ने पंप रखने के लिए दिया था।
आरोप है कि जेल भेजने की धमकी देते हुए दरोगा ने उससे रुपये वसूले और फिर उसे छोड़ दिया। इसी तरह कुछ अन्य लोगों से भी रुपये वसूले। पीड़ित का आरोप है कि हद तो तब हो गई जब अपना ही पंप वापस लेने जाने पर दरोगा ने उससे भी रुपये वसूल लिए। जिसके बाद उसने मामले की शिकायत आईजी रेंज केपी सिंह से की। आईजी ने रात में ही दरोगा को तलब कर लिया और आरोपों की पुष्टि होने पर उसे निलंबित कर दिया। यही नहीं इससे पहले पीड़ित को उसके रुपये भी वापस कराए। आईजी ने बताया कि रिश्वत लेने के मामले में दरोगा पर कार्रवाई की गई है। उसके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं।