इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा विधायक पूजा पाल को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी उमेश यादव की अग्रिम जमानत अर्जी वापस लेने के आधार पर खारिज कर दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा विधायक पूजा पाल को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी उमेश यादव की अग्रिम जमानत अर्जी वापस लेने के आधार पर खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने दिया है।
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कर्नलगंज थाने में आरोपी के खिलाफ अधिवक्ता श्याम चंद पाल ने 16 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप लगाया था कि उसने सोशल मीडिया पर विधायक पूजा पाल और सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। याची ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची की फर्जी आईडी बना कर आपत्तिजनक पोस्ट की गई है। उसे झूठा फंसाया गया है।
वहीं, अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट के सामने आरोपी के पोस्ट को प्रस्तुत किया। कोर्ट ने कहा कि मामले में अग्रिम जमानत देने का आधार नहीं है। इस दौरान याची अधिवक्ता के अनुरोध पर याचिका वापस लेने के आधार पर खारिज कर दी गई।