पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। गवाहों की सूची में कन्हैया को मुद्दई और अनिल को चश्मदीद बताया।करीब 28 साल चले ट्रायल के दौरान मुद्दई बोला कि उस पर हमला किसने किया, यह नहीं देख पाया था। कहा कि सिर पर चोट लगने से बेहोश हो गया था। जब आंख खुली तो थाने में था। लोगों के कहने पर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं, चश्मदीद अनिल ने कहा कि वह न तो मौके पर था और न ही पुलिस को बयान दिया। घटना वाले दिन नौकरी के सिलसिले में इंदौर में था।
कोर्ट ने मुद्दई और चश्मदीद को पक्षद्रोही करार देते हुए चारों आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने मुद्दई कन्हैया के खिलाफ नोटिस जारी कर झूठा साक्ष्य प्रस्तुत कर अदालत को गुमराह करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।