अगस्ता वेस्टलैंड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी नाम घसीटे जाने के विरोध में सड़क से संसद तक आंदोलन छेड़ने का दावा करने वाले कांग्रेसी शनिवार को इलाहाबाद जंक्शन पर ट्रेन रोकने पहुंचे लेकिन फोर्स की मौजूदगी देख ट्रेन रोकने की हिम्मत नहीं पड़ी। मौका भांपकर कांग्रेसियों ने जंक्शन पर खड़ी पवन एक्सप्रेस के पीछे पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। फिर ट्रेन के पीछे शंटिंग के लिए अलग किए गए इंजन के सामने प्रदर्शन कर फोटो खिंचवाई और वहां से लौट गए।
मुंबई की ओर से शनिवार दोपहर इलाहाबाद पहुंची पवन एक्सप्रेस को यहां से वाराणसी के लिए वापस जाना था। जंक्शन पर ट्रेन आने पर उसके इंजन की दिशा कानपुर की ओर थी। इंजन यहां से कटना था और गाड़ी के दूसरे हिस्से में लगना था ताकि पवन एक्सप्रेस को वाराणसी की ओर भेजा जा सके। इसी बीच मौके पर कांग्रेसी पहुंच गए और अगस्ता वेस्टेलैंड हेलीकॉप्टर डील मामले में सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेसी जिस इंजन के सामने प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि इंजन शंटिंग के कट चुका था और कार्यकर्ता ट्रेन के पिछले हिस्से के सामने मौजूद थे।
कांग्रेसियों ने प्रदर्शन शुरू ही किया था कि आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया। अगर कांग्रेसी वहां से न हटते तो भी ट्रेन के दूसरे हिस्से पर इंजन लगाकर पवन एक्सप्रेस को वहां से रवाना कर दिया जाता। कांग्रेसियों का दावा है कि उनके प्रदर्शन की वजह से ट्रेन दस मिनट विलंब से रवाना हुई जबकि रेलवे में लिखापढ़ी में दर्ज है कि माल गाड़ियों को पास कराने के कारण पवन एक्सप्रेस दस मिनट देर से रवाना हुई। प्रदर्शन करने वालों में पार्टी नेता हसीब अहमद, डॉ. असलम, जीशान अहमद, विनय गौतम, आलम पासी, सलमान अहमद, अश्विनी सोनी, फैजान अहमद, अबरार खान आदि मौजूद रहे।