सांसद रीता बहुगुणा जोशी सहित अन्य के खिलाफ बलवा और कानून के उल्लंघन की धारा में लंबित मुकदमे को वापस लिए जाने की अर्जी स्पेशल कोर्ट ने मंजूर कर ली है। उनके खिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया है। शासन के निर्देश पर अभियोजन ने मुकदमा वापसी की अर्जी कोर्ट में दी थी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह, लाल चंदन, विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
घटना 16 फरवरी 2010 की लखनऊ के वजीरगंज थाने की है। एसएचओ ओम प्रकाश शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष मीरा सिंह, राजकुमार सिंह सहित पांच सौ समर्थक जनसभा कर रहे थे। सभी लोग अचानक मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो समर्थक उत्तेजित होकर पत्थरबाजी करने लगे। घटना में कई पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। शासन के निर्देश पर डीएम लखनऊ ने अभियोजन को मुकदमा वापस लिए जाने का पत्र दिया था। जिस पर अभियोजन की ओर से कोर्ट में अर्जी दी गई थी। शनिवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियोजन की अर्जी मंजूर कर मुकदमा वापस लिए जाने की अनुमति दे दी है और अभियुक्त गणों को उसके अपराध से उन्मोचित कर मुकदमा समाप्त कर दिया है।