prayagraj news : एसआरएन हास्पिटल में उपचार के लिए इंतजार करता मरीज।
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में शनिवार की रात मानवता को एक बार फिर शर्मशार हो गई। मरीज स्ट्रेचर पर 10 घंटे तक वार्ड-वार्ड टहलता रहा लेकिन उसे सही से उपचार नहीं मिल सका। इसकी वजह से मौत हो गई। बेटे की मौत से नेत्रहीन मां का बुरा हाल है। उसके बुढ़ापे का सहारा छीन गया।
दरियाबाद निवासी टीपू (28) किसी काम से करेली की तरफ जा रहा था। इसी दौरान वह दुर्घटना का शिकार हो गया। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आसपास के लोग उसे कॉल्विन लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वह शनिवार की दोपहर साढ़े तीन बजे स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचा था।
वहां पहुंचने पर उसे ट्रामा सेंटर, मेडिसिन आईसीयू और फिर वार्ड नंबर 18 में टहलाया जाता रहा। रात तकरीबन 12 बजे उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत पर मां फूट-फूटकर रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि सही से उपचार न होने से उसके बेटे की मौत हो गई। उधर, चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. एके सक्सेना ने कहा कि वह मामले की जांच कराई जाएगी।