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दुष्कर्म मामले की विवेचना में लापरवाही पर दरोगा निलंबित

Sat, 17 Oct 2020 03:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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दुष्कर्म मामले की विवेचना में लापरवाही पर जिले में तैनात एक अन्य दरोगा पर गाज गिरी है। एसएसपी ने धूमनगंज थाने में तैनात विवेचक एसआई रामभवन वर्मा को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है। अफसरों का कहना है कि विवेचना में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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घटना धूमनगंज थाने में करीब सात महीने पहले हुई थी। जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी 11 साल की पुत्री से अश्लील हरकत करने समेत अन्य आरोपों में किरायेदार पर मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पॉक्सो एक्ट के साथ छेड़खानी की धाराएं लगाई गईं। जिसकी विवेचना एसआई रामभवन को सौंपी गई।

करीब तीन महीने बाद पीड़ित बच्ची का बयान हुआ जिसके बाद मुकदमे में दुष्कर्म की धारा जोड़ी गई। आरोप है कि गंभीर प्रवृत्ति का मामला होने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास नहीं किए गए। मामला संज्ञान में पर अफसरों ने जांच कराई। जिसमें प्रथम दृष्टया लापरवाही की बात सामने आने पर विवेचक को निलंबित कर दिया गया।
  • दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले की विवेचना में लापरवाही की बात सामने आई थी। जिस पर विवेचना करने वाले दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आपराधिक मामलों की विवेचना गुण-दोष के आधार पर निष्पक्ष तरीकेसे की जाए। लापरवाही मिली तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। केपी सिंह, आईजी रेंज प्रयागराज

तत्कालीन थाना प्रभारी, एसएसआई पर मेहरबानी क्यों?

पॉक्सो व दुष्कर्म मामले में सिर्फ विवेचक पर कार्रवाई से सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जून में दुष्कर्म की धारा बढ़ने के बाद विवेचक ने इसकी जानकारी तत्कालीन थाना प्रभारी को दी। जिस पर उन्होंने विवेचना एसएसआई को हस्तांतरित कर दी। हालांकि विवेचना ग्रहण नहीं की गई जिससे कार्रवाई काफी दिनों तक लंबित पड़ी रही और आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। अब सवाल यह है कि आखिर विवेचना क्यों नहीं ग्रहण की गई और इस संबंध में तत्कालीन थाना प्रभारी की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यह भी जांच का विषय है कि उन्होंने कोई लिखित जानकारी उच्चाधिकारियों को दी या नहीं।

दो सीओ समेत चार का हुआ था निलंबन

दुष्कर्म मामले की विवेचना में लापरवाही पर पांच दिनों पहले जिले में तैनात दो सीओ समेत चार पुलिसकर्मियों का निलंबन हुआ था। जिसमें सीओ मेजा सच्चिदानंद व सीओ बारा नवीन नायक व विवेचना करने वाले दो दरोगा शामिल थे। 
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