कोविड-19 के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस साल छात्रसंघ चुनाव होगा या नहीं, यह भी तय नहीं है। इन तमाम आशंकाओं के बीच इविवि छात्रसंघ का नया प्रारूप तैयार लिया गया है और इसे मंजूरी के लिए जल्द ही कुलपति के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। इविवि प्रशासन लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार कुछ बदलावों के साथ छात्रसंघ बहाल करने की तैयारी कर रहा है। छात्रसंघ बहाली से पहले इसका नया प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी सात सदस्यीय कमेटी को सौंपी गई थी, जिसका गठन 27 फरवरी को हुई एकेडमिक कौंसिल की बैठक में किया गया था। यह कमेटी डीएसडब्ल्यूपी प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में गठित की गई थी। कुछ दिनों पहले ही कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें छात्रसंघ के प्रारूप पर चर्चा हुई थी। बैठक में तय हुआ था कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप छात्रसंघ का नया प्रारूप तैयार किया जाएगा और अगली बैठक में इस कुलपति के समक्ष रखा जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि नया प्रारूप तैयार किया जा चुका है। इसमें चुनाव खर्च समेत कुछ अन्य बदलाव किए जाने की तैयारी है। कमेटी चुनाव खर्च बढ़ाने का प्रस्ताव ला सकती है। प्रस्तावित बदलावों पर छात्र नेताओं के साथ चर्चा भी की जा सकती है, ताकि बाद में किसी तरह का विवाद न हो। इविवि प्रशासन पर छात्रसंघ बहाली का लगातार दबाव पड़ रहा है और इविवि प्रशासन भी नए प्रारूप पर मुहर लगाकर जल्द ही छात्रसंघ बहाल करने की तैयारी में है। गौरतलब है कि पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के कार्यकाल में छात्रसंघ को समाप्त कर छात्र परिषद के गठन का निर्णय लिया गया था, लेकिन इविवि के छात्रों ने इसका जमकर विरोध किया। नतीजा कि छात्र परिषद चुनाव के लिए किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं कराया और विश्वविद्यालय में छात्र परिषद का चुनाव नहीं हो सका। अब छात्र चाहते हैं कि इविवि प्रशासन छात्रसंघ बहाली पर जल्द ही कोई निर्णय ले।