करनाईपुर क्षेत्र के तेजपुर चौराहे पर सेमल का पेड़ फूलों से गुछा
बहरिया के कहली, तेजपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों सेमल के पेड़ों पर खिले फूल राहगीरों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। सेमल के पेड़ को सिल्क कॉटन ट्री भी कहा जाता है, जो अपने चमकीले लाल फूलों के लिए प्रसिद्ध है।
इसके सीधे तने पर मजबूत कांटे होते हैं और फूल झड़ने के बाद फल लगते हैं, जिनमें रूई जैसी रेशेदार सामग्री निकलती है। औषधीय दृष्टि से भी सेमल का वृक्ष महत्वपूर्ण माना जाता है और इसकी छाल, फूल व जड़ों का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है। इन दिनों सड़कों के किनारे खिले सेमल के लाल फूल लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।